एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, सांप के जहर मामले में खारिज हुई कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
यूट्यूब स्टार और बिग बॉस OTT 2 के विजेता एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से एक महत्वपूर्ण राहत मिली है। कोर्ट ने सांप के जहर (Snake Venom) से संबंधित मामले में उनके खिलाफ दायर FIR, चार्जशीट और अन्य सभी आपराधिक कार्यवाहियों को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि यह मामला कानूनी रूप से स्थायी नहीं है, क्योंकि सांप का जहर NDPS एक्ट की सूची में नहीं आता है, और सबूतों में एल्विश को सीधे आरोपी ठहराने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं है। यह निर्णय एल्विश के लिए एक बड़ी जीत है, क्योंकि 2023 से चल रहा यह विवाद अब समाप्त हो गया है।
मामले का इतिहास और घटनाक्रम
- केस की शुरुआत: नवंबर 2023 में उत्तर प्रदेश पुलिस (नोएडा) ने एल्विश यादव पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक रेव पार्टी में सांप के जहर का उपयोग नशीले पदार्थ के रूप में किया और स्मगलिंग में शामिल थे। यह मामला वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972, IPC और NDPS एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस ने कहा कि पार्टी में विदेशी नागरिकों सहित लोगों ने सांप का जहर नशे के रूप में लिया।
- गिरफ्तारी और प्रारंभिक कार्रवाई: मार्च 2024 में एल्विश को गिरफ्तार किया गया, लेकिन उन्हें जल्दी ही जमानत मिल गई। पुलिस ने 9 सांप (जिनमें कोबरा शामिल थे) बरामद किए और चार्जशीट दाखिल की। एल्विश ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली।
- सुप्रीम कोर्ट में अपील: एल्विश ने सुप्रीम कोर्ट में चार्जशीट और कार्यवाही को चुनौती दी। अगस्त 2025 में कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाई थी। फरवरी 2026 में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एल्विश को कड़ी फटकार लगाई थी, कहा था कि लोकप्रिय हस्तियों द्वारा सांप जैसे “बेजुबान जीवों” का दुरुपयोग समाज को गलत संदेश देता है। कोर्ट ने कहा था, “जो मन में आए वो नहीं कर सकते” और जांच जारी रखने का संकेत दिया था।
- आज का फैसला (19 मार्च 2026): जस्टिस एमएम सुंदरेश और एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने अंतिम सुनवाई में केस को खारिज कर दिया। मुख्य कारण:
- रिकवर हुए पदार्थ में एंटी-वेनम (एंटीबॉडी) थे, न कि शुद्ध जहर, जो NDPS एक्ट के तहत नशीला नहीं माना जाता।
- सांपों में जहर ग्रंथियां नहीं पाई गईं (फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार)।
- एल्विश के खिलाफ पर्याप्त प्रत्यक्ष सबूत नहीं, और प्रक्रियागत खामियां।
- वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत भी आरोप साबित नहीं हो सके।
- कोर्ट ने सभी FIR, चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही रद्द कर दी।
एल्विश यादव की प्रतिक्रिया और प्रभाव
एल्विश यादव ने इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर खुशी व्यक्त की और लिखा, “सच्चाई हमेशा जीतती है। धन्यवाद मेरे फैंस और वकीलों को।” उनके लाखों प्रशंसकों में उत्साह है, और कई ने इसे “बड़ी जीत” बताया। यह निर्णय अन्य यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए भी राहत भरा है, क्योंकि ऐसे हाई-प्रोफाइल केसों में कानूनी दबाव कम हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने दोहराया कि समाज पर गलत प्रभाव न डालने की जिम्मेदारी लोकप्रिय हस्तियों पर है।
विवाद का मुख्य मुद्दा
- एल्विश पर आरोप था कि उन्होंने यूट्यूब वीडियो और रेव पार्टी में सांपों का इस्तेमाल किया, जो वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन है।
- पुलिस ने दावा किया कि जहर को नशे के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन फॉरेंसिक में जहर की पुष्टि नहीं हुई।
- केस ने सोशल मीडिया पर बड़े बहस छेड़ी, जहां एक तरफ फैंस ने एल्विश का साथ दिया, तो दूसरी तरफ वन्यजीव अधिकारियों और एक्टिविस्ट्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की।
नोट
नोट: यह अपडेट सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले, प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स और लेटेस्ट अपडेट्स पर आधारित है। फाइनल ऑर्डर की कॉपी सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। जयपुर से इस खबर पर नजर रखने वाले फैंस के लिए – एल्विश यादव अब इस कानूनी परेशानी से पूरी तरह बाहर हैं!