एलआईसी का फिनटेक में कदम: नई रणनीतियों के साथ डिजिटल युग में प्रवेश
एलआईसी की नई दिशा
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), जो देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है, अब फिनटेक क्षेत्र में कदम रखने की योजना बना रही है। यह कदम कंपनी की बढ़ती डिजिटल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है। एलआईसी के सीईओ आर दुरईस्वामी ने बताया कि कंपनी फिनटेक व्यवसाय शुरू करने के लिए रणनीतिक निवेश या नई इकाई स्थापित करने के विकल्पों पर विचार कर रही है.
फिनटेक और इंश्योरटेक में सहयोग
दुरईस्वामी ने कहा कि कंपनी फिनटेक और इंश्योरटेक कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि बदलते समय की आवश्यकताओं और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके। एलआईसी एक बड़ी वित्तीय इकाई है, जो विभिन्न संस्थानों में निवेश करने के लिए रणनीतिक अवसरों की तलाश कर रही है, जिससे पॉलिसीधारकों के लिए बेहतर रिटर्न सुनिश्चित किया जा सके.
तकनीकी नवाचार की दिशा में कदम
उन्होंने बताया कि एलआईसी तकनीकी नवाचार को अपनाने में अग्रणी रही है। कंपनी ने अपने व्यावसायिक अनुप्रयोगों के विकास के लिए सॉफ्टवेयर विकास केंद्र स्थापित किया है, जिसमें कई विशेषज्ञ कार्यरत हैं। इसके अलावा, आधुनिक तकनीकी ढांचे और नए डिजिटल प्लेटफार्मों के विकास के लिए बाहरी आईटी सेवा प्रदाताओं का सहयोग भी लिया जाता है.
भविष्य की योजनाएं
दुरईस्वामी ने कहा कि एलआईसी अपने आंतरिक और बाहरी तकनीकी साझेदारों की क्षमताओं का उपयोग कर रही है। कंपनी विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है और भविष्य में किसी नई साझेदारी या पहल की घोषणा कर सकती है। उनका कहना है कि एलआईसी का मुख्य उद्देश्य अपनी आईटी प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना और प्रतिस्पर्धा में अधिक प्रभावी बनना है.
हिस्सेदारी बिक्री की संभावना
केंद्र सरकार द्वारा एलआईसी में और हिस्सेदारी बेचने की संभावना पर दुरईस्वामी ने कहा कि कंपनी इसके लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि आईपीओ की तैयारी के समय से ही ऐसी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखा गया था। हालांकि, हिस्सेदारी बिक्री का अंतिम निर्णय सरकार को लेना है.
डिविडेंड की घोषणा
दुरईस्वामी ने कहा कि आईपीओ के बाद एलआईसी ने शेयरधारकों को बेहतर लाभ देने के लिए कई कदम उठाए हैं। हाल ही में कंपनी ने एक के बदले एक बोनस शेयर जारी करने की घोषणा की है और लाभांश में भी वृद्धि की है। निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 10 रुपये के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है.