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एयर इंडिया फ्लाइट AI 171 क्रैश मामले में विवाद: कैप्टन वरुण आनंद का समन

एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के क्रैश मामले में कैप्टन वरुण आनंद को समन भेजने पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने कड़ी नाराजगी जताई है। FIP ने इसे अनुचित और उत्पीड़न करार दिया है, यह कहते हुए कि कैप्टन आनंद का इस घटना से कोई सीधा संबंध नहीं है। इस विवाद ने जांच प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है। कैप्टन आनंद ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश होने की सहमति दी है।
 

एयर इंडिया फ्लाइट AI 171 क्रैश की जांच में नया विवाद

एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के दुर्घटना मामले की जांच अब एक नए विवाद में उलझ गई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा दिवंगत कैप्टन सुमीत सभरवाल के भतीजे, कैप्टन वरुण आनंद को समन भेजने पर 'फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स' (FIP) ने कड़ी आपत्ति जताई है।


कैप्टन वरुण आनंद को समन पर फेडरेशन का विरोध

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा कैप्टन वरुण आनंद को एयर इंडिया फ्लाइट 171 के क्रैश की जांच के लिए बुलाने पर कड़ा विरोध किया है। FIP ने AAIB को एक कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें इस कार्रवाई को "पूरी तरह से अनुचित" और उत्पीड़न बताया गया है।


कैप्टन आनंद, जो एयर इंडिया के सक्रिय पायलट और FIP के सदस्य हैं, को उनके नियोक्ता द्वारा 15 जनवरी को पेश होने के लिए समन के बारे में सूचित किया गया था। FIP ने इस बात पर जोर दिया कि नोटिस में समन का कानूनी आधार, उद्देश्य या प्रासंगिकता का उल्लेख नहीं किया गया था।


FIP का उत्पीड़न का आरोप

पायलटों के सबसे बड़े संगठन FIP ने AAIB के इस कदम को "पूरी तरह से अनुचित" करार दिया है। संगठन ने AAIB को एक औपचारिक कानूनी नोटिस भेजकर आरोप लगाया है कि कैप्टन वरुण आनंद को जांच में बुलाना केवल मानसिक उत्पीड़न है। FIP का कहना है कि वरुण आनंद का इस हादसे से कोई सीधा तकनीकी संबंध नहीं है, और उन्हें केवल पारिवारिक रिश्ते के कारण निशाना बनाना गलत है।


हालांकि, कैप्टन आनंद ने किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश होने पर सहमति जताई है।