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उपहार त्रासदी की 29वीं बरसी पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर चिंता

उपहार सिनेमा में आग की त्रासदी की 29वीं वर्षगांठ पर, 'एसोसिएशन ऑफ़ विक्टिम्स ऑफ़ उपहार ट्रेजेडी' ने मानव-जनित आपदाओं से निपटने के लिए एक ठोस कानूनी ढांचे की मांग की है। संगठन ने हाल की आग की घटनाओं को लेकर चिंता जताई है और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है। AVUT का कहना है कि जब तक गंभीर कानूनी परिणाम नहीं होंगे, तब तक ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
 

उपहार सिनेमा आग की त्रासदी की बरसी

उपहार सिनेमा में आग लगने की घटना की 29वीं वर्षगांठ पर, 'एसोसिएशन ऑफ़ विक्टिम्स ऑफ़ उपहार ट्रेजेडी' (AVUT) ने मानव-जनित आपदाओं से निपटने के लिए एक ठोस कानूनी ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया। संगठन ने कहा कि हाल की घटनाएं, जैसे मालवीय नगर होटल में आग, यह दर्शाती हैं कि 1997 की त्रासदी से सीखे गए महत्वपूर्ण सबक को नजरअंदाज किया जा रहा है।


मालवीय नगर होटल में आग की घटना

इस त्रासदी में 59 लोगों की जान गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। AVUT ने एक बयान में कहा कि हाल ही में मालवीय नगर के 'फ्लोरिश स्टे होटल' में लगी आग, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई, ने सुरक्षा नियमों के पालन में लगातार कमी को उजागर किया है।


सुरक्षा नियमों की अनदेखी

पीड़ितों के संगठन ने कहा कि लगभग तीन दशकों की वकालत के बावजूद, नियमों का पालन न होना, कमजोर प्रवर्तन और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की कमी के कारण ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। AVUT ने चेतावनी दी कि बार-बार होने वाली आग की घटनाएं सुरक्षा नियमों की अनदेखी का संकेत देती हैं, और 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जैसी मंजूरियां बिना उचित जांच के जारी की जाती हैं।


कानूनी ढांचे में सुधार की आवश्यकता

उपहार त्रासदी के बाद से चल रहे अपने लंबे अभियान का उल्लेख करते हुए, संगठन ने सरकार से एक व्यापक कानून बनाने की अपील की है, जो लापरवाही, भ्रष्टाचार और सुरक्षा मानकों के जानबूझकर उल्लंघन से होने वाली मानव-जनित आपदाओं से निपट सके। AVUT के अनुसार, इस प्रस्तावित कानून में तेज़ी से जांच, विशेष अदालतें, निर्धारित समय सीमा में सुनवाई और लापरवाही के कारण जान-माल के नुकसान के लिए कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि मौजूदा कानूनी ढांचा उन लोगों और संस्थाओं को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है जो जन-सुरक्षा से अधिक व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता देते हैं।


घोर लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई

संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक घोर लापरवाही के गंभीर कानूनी परिणाम सामने नहीं आएंगे, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की संभावना बनी रहेगी।