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उदय भानू चिब की गिरफ्तारी: लोकतंत्र पर हमला, पिता की प्रतिक्रिया

उदय भानू चिब की गिरफ्तारी ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। उनके पिता ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला कहा है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और कांग्रेस का रुख।
 

उदय भानू चिब की गिरफ्तारी का मामला


नई दिल्ली: भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू चिब को 24 फरवरी 2026 को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान 'शर्टलेस' विरोध प्रदर्शन से संबंधित है। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति की तस्वीरों वाले टी-शर्ट पहने थे और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लगाए थे। पुलिस ने चिब को इस घटना का मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए गिरफ्तार किया और उन पर दंगा भड़काने और पुलिस पर हमले जैसे गंभीर आरोप लगाए।


गिरफ्तारी के बाद, उदय भानू चिब को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। बाद में उन्हें जमानत मिली, लेकिन पुलिस ने इस पर रोक लगवा दी और मामला आगे बढ़ रहा है। कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन ने कानून-व्यवस्था को प्रभावित किया और इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलू शामिल थे।


पिता हरि सिंह चिब की प्रतिक्रिया

उदय भानू चिब के पिता, हरि सिंह चिब, जो जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष हैं, ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "यह केवल मेरे बेटे की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या है। हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। किसान, युवा, उद्योग और टेक्सटाइल क्षेत्र इस व्यापार समझौते से प्रभावित होंगे। उदय ने कुछ गलत नहीं किया, मैं उस पर गर्व करता हूं। वह युवाओं और किसानों के लिए लड़ रहा है। यह उसे फंसाने की साजिश है, लेकिन उन्हें चुप नहीं कराया जा सकता।"


हरि सिंह चिब ने यह भी कहा कि यदि न्याय नहीं मिला, तो कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। उदय भानू की मां, रजनी बाला ने भी बेटे पर गर्व जताया और युवाओं से भगत सिंह की तरह लड़ने की अपील की।


कांग्रेस का रुख

राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने इस गिरफ्तारी को असंवैधानिक और मोदी सरकार की तानाशाही करार दिया। युवा कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किए, जिसमें दिल्ली, नागपुर समेत कई स्थानों पर झड़पें हुईं। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन किसानों, युवाओं और व्यापार समझौते के खिलाफ था, न कि कोई दंगा।


यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है, जिसमें एक ओर अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था और प्रदर्शन के तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उदय भानू चिब फिलहाल जमानत पर हैं, और मामला कोर्ट में चल रहा है।