उत्तराखंड में मानसून के दौरान स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता बढ़ी
देहरादून में मौसमी बीमारियों का खतरा
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के चलते स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी और संक्रामक बीमारियों के प्रति सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। लगातार बारिश के कारण जलभराव और मच्छरों के प्रजनन की स्थिति में वृद्धि हो रही है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, देहरादून में स्वाइन फ्लू के मामलों में भी वृद्धि हो रही है।
डेंगू के मामलों पर ध्यान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बारिश के बाद पानी जमा होने से मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अगस्त की शुरुआत में देहरादून जिले में 48 डेंगू के मामले सामने आए थे। विभाग ने सितंबर में मामलों में संभावित वृद्धि को देखते हुए सर्वेक्षण और जागरूकता अभियानों को तेज करने का निर्णय लिया है।
स्वाइन फ्लू की चिंता
देहरादून और उत्तराखंड में H1N1 स्वाइन फ्लू के मामलों में भी वृद्धि हो रही है। 10 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, एक ही दिन में 25 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जिससे कुल मामलों की संख्या 383 हो गई।
जलजनित बीमारियों से बचाव
स्वास्थ्य विभाग ने मानसून के दौरान डायरिया, टायफाइड, हैजा, पीलिया और हेपेटाइटिस जैसी जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। विभाग ने बासी और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने और पीने के पानी की स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी है।
सावधानी बरतने के उपाय
बारिश के दौरान घर और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यह मच्छरों के पनपने का स्थान बन सकता है। साफ पानी और स्वच्छ भोजन का उपयोग करें। बुखार या अन्य लक्षण लगातार बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
स्वास्थ्य विभाग का ध्यान फिलहाल रोकथाम, निगरानी और समय पर जांच पर है। मानसून के दौरान बढ़ते संक्रमण को देखते हुए साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।