उत्तराखंड में बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, चारधाम यात्रा स्थगित
उत्तराखंड में बारिश का प्रभाव
देहरादून, 29 जुलाई: उत्तराखंड में बुधवार को हुई लगातार बारिश के कारण गंगा समेत सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया या उसके करीब पहुंच गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है, और विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण प्रदेश की 100 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हैं।
भूस्खलन से प्रभावित सड़कें
केंद्र के अनुसार, भूस्खलन के कारण कुल 109 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिन्हें खोलने का प्रयास जारी है। त्यूनी-मसूरी-मलेथा राष्ट्रीय राजमार्ग नागथात के पास भूस्खलन के कारण बंद है। इसके अलावा, जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास नदी का जलस्तर बढ़ने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है।
नदियों का जलस्तर
हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर 292.90 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से केवल 0.10 मीटर और खतरे के निशान से 1.10 मीटर नीचे है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर को पार कर गई हैं। अलकनंदा 626 मीटर के चेतावनी स्तर के मुकाबले 626.18 मीटर पर बह रही है, जबकि मंदाकिनी 625 मीटर के चेतावनी स्तर से आधा मीटर से अधिक ऊपर बह रही है। पिथौरागढ़ जिले में काली नदी का जलस्तर 888.90 मीटर दर्ज किया गया, जो 889 मीटर के चेतावनी स्तर से केवल 0.10 मीटर नीचे है। अधिकारियों ने नदियों के उफान को देखते हुए लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और तटीय क्षेत्रों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा और मौसम की चेतावनी
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने पहले ही 28 और 29 जुलाई के लिए यात्रा पर रोक लगा दी थी। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है।
अधिकारियों ने बताया कि अलर्ट को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन को सतर्क रहने और सभी आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।