उत्तराखंड में बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट जारी
नदियों का उफान और खतरे का संकेत
उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और भागीरथी जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जो खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं या उसके करीब पहुंच गई हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को साझा की। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) के अनुसार, रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी सुबह छह बजे 627 मीटर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से ऊपर है और इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
मंदाकिनी और भागीरथी का जलस्तर
रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी का जलस्तर सुबह सात बजे 626.20 मीटर मापा गया, जो खतरे के निशान 626 मीटर से 0.20 मीटर ऊपर है। इसी तरह, देवप्रयाग में भागीरथी का जलस्तर सुबह छह बजे चेतावनी स्तर 462 मीटर पर था और यह भी बढ़ रहा है। हरिद्वार में रायसी (बाणगंगा) का जलस्तर सुबह छह बजे 230.09 मीटर पर था, जो चेतावनी स्तर से 0.09 मीटर ऊपर है।
आपदा प्रबंधन की तैयारी
नदियों के जलस्तर को ध्यान में रखते हुए, रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने एक आरटी संदेश जारी किया है। इसमें अधिकारियों को उच्च सतर्कता बनाए रखने और संभावित आपदाओं के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। आम जनता, विशेषकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी दी जाएगी।
सड़कें बाधित
आपदा प्रबंधन कार्यालयों से मिली जानकारी के अनुसार, चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग हेलंग के पास मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी पत्थर और मलबा आने के कारण बाधित हैं।
मुख्यमंत्री का निर्देश
मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी एजेंसियों को 'हाई अलर्ट' पर रहने का निर्देश दिया है। मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और अन्य जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
स्कूलों में अवकाश
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए, छात्रों की सुरक्षा के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।