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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने दिल्ली होटल आग मामले में की निष्पक्ष जांच की मांग

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी भीषण आग के मामले में हस्तक्षेप किया है। इस अग्निकांड में 21 लोगों की जान गई थी। धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस ने गिरफ्तारी की आलोचना की है, जबकि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी भीषण आग के मामले में हस्तक्षेप किया है। इस अग्निकांड में 21 लोगों की जान चली गई थी। धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बात कर होटल में काम करने वाले आरोपी केशव नेगी के मामले में निष्पक्ष जांच की अपील की।


जांच की प्रक्रिया

धामी ने रविवार को अपने फेसबुक पोस्ट में बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा और जांच तथ्यों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां ​​निष्पक्षता से जांच करेंगी ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसके अलावा, उन्होंने नेगी की बेटी से भी बात की और उसे हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।


कांग्रेस की प्रतिक्रिया

इस बीच, उत्तराखंड कांग्रेस ने नेगी की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की है, इसे दिल्ली सरकार और पुलिस द्वारा असली दोषियों को बचाने का प्रयास बताया। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि नेगी केवल रसोइये के रूप में काम कर रहा था और अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं थी।


सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

गोदियाल ने एक वीडियो संदेश में कहा कि आग लगने के समय लोगों का भागना स्वाभाविक था। उन्होंने जांच में इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई कि क्या होटल में आग बुझाने की उचित व्यवस्था थी और क्या स्थानीय नगर निगम के निरीक्षकों ने अपने कर्तव्यों का पालन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंड के 10 लाख से अधिक प्रवासियों के खिलाफ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


गिरफ्तारी और जांच

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को नेगी को गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं का कहना है कि प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि उसकी लापरवाही इस आग में शामिल हो सकती है। दिल्ली की एक अदालत ने नेगी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे।