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उत्तराखंड के आर्थिक सर्वेक्षण में सकारात्मक संकेत, मुख्यमंत्री धामी ने साझा किए आंकड़े

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के सकारात्मक आंकड़ों का खुलासा किया है, जो विकास और सुशासन की दिशा में सरकार के प्रयासों को दर्शाते हैं। उन्होंने जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय, और एमएसएमई में वृद्धि के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा, राज्य में रोजगार सृजन और निवेश प्रोत्साहन पर भी जोर दिया गया है। जानें और क्या-क्या महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।
 

मुख्यमंत्री धामी का आर्थिक सर्वेक्षण पर बयान

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के सकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े सतत विकास और सुशासन की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी), प्रति व्यक्ति आय, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तराखंड तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।


मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार रोजगार सृजन, निवेश प्रोत्साहन और जन कल्याण पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का लक्ष्य है।


प्रधान सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि 2024-25 के लिए राज्य का जीएसडीपी 3,81,889 करोड़ रुपये है, जबकि 2021-22 में यह 2.54 लाख करोड़ रुपये था, जो डेढ़ गुना वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2021-22 में 1,94,670 रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 2,73,921 रुपये हो गई है।


आर्थिक सर्वेक्षण के अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े

इस वर्ष का आर्थिक सर्वेक्षण राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) के सहयोग से तैयार किया गया है।


प्रधान सचिव ने बताया कि 2024-25 में राज्य की विकास दर 7.23 प्रतिशत रही। बहुआयामी गरीबी सूचकांक 2021-22 के 9.7 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 6.92 प्रतिशत हो गया है। श्रम बल सहभागिता दर 2021-22 के 60.1 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 64.4 प्रतिशत हो गई है, जो रोजगार में भागीदारी में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) में भी सुधार हुआ है, जो 2001 में 0.247 से बढ़कर 2024-25 में 0.722 हो गया है।


एमएसएमई और अन्य विकासात्मक आंकड़े

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की संख्या 2021-22 में 59,798 से बढ़कर 2024-25 में 79,394 हो गई है। एमएसएमई के अंतर्गत रोजगार 2022 में 3,43,922 से बढ़कर 2025 में 4,56,605 हो गया है। राज्य में बड़े उद्योगों की संख्या 2021-22 में 107 से बढ़कर 2024-25 में 128 हो गई है।


स्टार्टअप्स की संख्या, जो 2017 में शून्य थी, 2021-22 में 702 हो गई और 2024-25 में बढ़कर 1,750 हो गई। राज्य में कुल सड़क लंबाई 2021-22 में 50,393 किमी से बढ़कर 2024-25 में 51,278 किमी हो गई है। हेलीपोर्टों की संख्या 2022 में 2 से बढ़कर 2025 में 7 हो गई, जबकि हेलीपैडों की संख्या 2021-22 में 60 से बढ़कर 2024-25 में 118 हो गई। प्राथमिक विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर 2021-22 में 1.64 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 1.41 प्रतिशत हो गई।