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उत्तर भारत में गर्मी से राहत: मौसम में बदलाव की संभावना

उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद है। IMD के अनुसार, एक सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के कारण मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है। 13 जून तक कई क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में भी भारी बारिश का अनुमान है। IMD ने कई क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जानें और क्या-क्या बदलाव आने वाले हैं और किस तरह से मौसम प्रभावित होगा।
 

गर्मी से राहत की उम्मीद

उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की एक अच्छी खबर आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के चलते उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है। 13 जून तक दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और व्यापक बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 और 12 जून को मौसम में सबसे अधिक हलचल देखने को मिलेगी, जिससे गर्मी से राहत मिल सकती है।


इस दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों में, विशेषकर दिल्ली-NCR और आस-पास के क्षेत्रों में, बिजली कड़कने, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ आंधी-तूफान की संभावना है।


पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश

पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में अगले पांच से सात दिनों में कुछ स्थानों पर 7 से 20 सेमी तक बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी भारी बारिश का अनुमान है।


पिछले 24 घंटों में, हिमालयी क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 12 से 20 सेमी बारिश दर्ज की गई है। दक्षिण कोंकण, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, त्रिपुरा, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में भी भारी बारिश की सूचना है।


ओलावृष्टि और आंधी-तूफान की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की घटनाएं देखी गई हैं। देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की घटनाएं भी सामने आई हैं।


जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' के कारण जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की संभावना है, जिसके चलते IMD ने इन क्षेत्रों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।


मानसून की प्रगति

दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की उम्मीद है। इस दौरान यह तमिलनाडु के बाकी हिस्सों को भी कवर कर सकता है।


IMD ने कहा कि छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की मदद से मानसून की प्रगति में सहायक हो रहे हैं।


तापमान में गिरावट की संभावना

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से, अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में कोई विशेष बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, 11 से 13 जून के बीच तापमान में 3°C से 5°C की गिरावट आ सकती है, जिसके बाद धीरे-धीरे 2°C से 4°C की वृद्धि हो सकती है।


मध्य भारत में, 12 जून तक तापमान स्थिर रहने की संभावना है, उसके बाद इसमें 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों तक तापमान में बहुत कम बदलाव की संभावना है, जिसके बाद 12 से 14 जून के बीच 2°C से 4°C की गिरावट हो सकती है।


ऑरेंज अलर्ट जारी

IMD ने पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय के साथ-साथ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की संभावना है।


भारी बारिश वाले अन्य क्षेत्रों में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, तेलंगाना, कर्नाटक, दक्षिण कोंकण, तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप शामिल हैं। कर्नाटक, गोवा और केरल के कुछ हिस्सों में हवा की गति 30-40 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है।