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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर तनाव

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। लखनऊ में एक पोस्टर के माध्यम से कांग्रेस ने 200 सीटों का दावा किया है, जिससे दोनों दलों के बीच खींचतान शुरू हो गई है। कांग्रेस ने सीट बंटवारे की बातचीत को नवंबर के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। सपा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सीटों का बंटवारा शीर्ष नेतृत्व द्वारा तय किया जाएगा। जानें इस राजनीतिक स्थिति के बारे में और क्या है दोनों दलों की रणनीति।
 

लखनऊ में सीट बंटवारे को लेकर तनाव


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगियों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सीट बंटवारे को लेकर नई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। हाल ही में लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) के कार्यालय के बाहर एक पोस्टर देखा गया, जिसमें लिखा था '200 सीट हक है हमारा'। इस पोस्टर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की तस्वीरें भी थीं, साथ ही 'राहुल गांधी पर है भरोसा' का संदेश भी था।


सपा का मुख्य चेहरा और कांग्रेस की स्थिति

समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में 'इंडिया' गठबंधन का प्रमुख चेहरा रही है, जिसने पिछले विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों में कई सीटों पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, कांग्रेस की ओर से सीटों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाने से दोनों दलों के बीच फिर से खींचतान शुरू हो गई है। कांग्रेस ने सीट बंटवारे की बातचीत को नवंबर के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। लखनऊ में हुए इस सार्वजनिक प्रदर्शन से यह स्पष्ट है कि आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का सामना करने के लिए 'इंडिया' गठबंधन के सामने संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है।


कांग्रेस की सीटों की सूची

शनिवार को कांग्रेस ने संकेत दिए कि उसने 175 से 200 सीटों की एक सूची तैयार की है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि फिलहाल 175 से 200 सीटों के बीच एक सूची दी गई है, लेकिन जल्द ही शीर्ष नेतृत्व की बैठक में एक सम्मानजनक समझौता होगा। उन्होंने बताया कि पार्टी का हर कार्यकर्ता और राज्य टीम शीर्ष नेतृत्व के निर्णय को स्वीकार करेगी।


सपा की प्रतिक्रिया

इस पोस्टरबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी गठबंधन में सीटों का बंटवारा पोस्टरों के आधार पर नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह शीर्ष नेतृत्व का काम है कि कितनी सीटें होंगी और कौन सा उम्मीदवार किस सीट से चुनाव लड़ेगा। सपा नेता ने जोर देकर कहा कि असली मुद्दा सीटों की संख्या नहीं, बल्कि प्रत्याशी की जीत की संभावना है। उनका मानना है कि हर पार्टी को उन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए जहाँ उनकी जीत की वास्तविक संभावना हो।