उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर का प्रीपेड सिस्टम समाप्त, उपभोक्ताओं को मिली राहत
स्मार्ट मीटर से जुड़ा विवाद समाप्त
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के संबंध में चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। योगी सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड सिस्टम को खत्म कर दिया है। अब बिजली का बिल हर महीने पोस्टपेड की तरह आएगा। इस नई व्यवस्था के तहत, 1 से 30 तारीख तक का बिल अगले महीने के पहले 10 दिनों में SMS या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को बकाया भुगतान 10 किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है।
बिलिंग प्रक्रिया में बदलाव
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस संबंध में बैठक के बाद जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिलिंग साइकिल पहले की तरह ही रहेगी, जैसे पोस्टपेड मीटर में होती थी। उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिल प्राप्त होंगे। बिल मिलने की तिथि से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता को समय पर बिल नहीं मिलता है, तो वह व्हाट्सएप चैटबॉट्स पर अपनी जानकारी देकर अपना बिल प्राप्त कर सकता है।
बकाया बिल का भुगतान
उपभोक्ता 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। 30 अप्रैल तक जो भी बकाया बिल होगा, उसे 10 किस्तों में जमा किया जा सकेगा। यदि किसी उपभोक्ता को बिल से संबंधित कोई समस्या है, तो मई और जून में मैग कैंप का आयोजन किया जाएगा, जहां स्मार्ट मीटर बिल से संबंधित शिकायतों का समाधान किया जाएगा।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
उपभोक्ता अपनी शिकायत 1912 पोर्टल पर भी दर्ज कर सकते हैं। जिन उपभोक्ताओं के परिसर में प्रीपेड मीटर लगाए गए थे और उनकी सिक्योरिटी वापस कर दी गई थी, अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने पर उनसे सिक्योरिटी एक साथ न लेकर 4 किस्तों में ली जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।