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उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में सुधार की उम्मीद, बारिश में कमी

उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि राज्य में अब तक सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों में बारिश की संभावनाओं का उल्लेख किया है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा की कमी के आंकड़े चिंताजनक हैं, लेकिन चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश में वृद्धि की संभावना है। जानें और क्या-क्या जानकारी है इस मौसम के बारे में।
 

उत्तर प्रदेश में बारिश की स्थिति

लखनऊ, तीन अगस्त: उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से 29 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, और मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी साझा की। विभाग ने बताया कि अगले चार से पांच दिनों में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


वर्षा की कमी का आंकड़ा

लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, तीन अगस्त तक राज्य में सामान्य 380.4 मिलीमीटर वर्षा के मुकाबले केवल 271.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी 34 प्रतिशत रही, जहां सामान्य 408.9 मिलीमीटर के मुकाबले 268.3 मिलीमीटर वर्षा हुई। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य 340.6 मिलीमीटर के मुकाबले 275.5 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो औसत से 19 प्रतिशत कम है।


मानसून की गतिविधियों में संभावित वृद्धि

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तरी मध्यप्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बनने से राज्य में मानसून की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। विभाग ने बताया कि इसके प्रभाव से सात अगस्त तक उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश, गरज-चमक के साथ बौछारें और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, चार और पांच अगस्त को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि छह अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।


भारी बारिश की चेतावनी

विभाग ने यह भी बताया कि सात अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है।