उत्तर प्रदेश में बिजली संकट: सीएम योगी ने की उच्च स्तरीय बैठक
बिजली संकट पर सीएम योगी की बैठक
UP Power Crisis: उत्तर प्रदेश में बिजली की गंभीर समस्या के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को एक आपातकालीन समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि गर्मी के इस मौसम में गांवों और शहरों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता में वृद्धि करने और सभी इकाइयों को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए भी कहा।
जानकारी के अनुसार, जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बिजली संकट गहरा रहा है। राजधानी लखनऊ में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति में कमी से लोग परेशान हैं। इस समस्या के चलते नागरिकों ने सड़क पर उतरकर बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस असंतोष को देखते हुए, सीएम योगी ने आज सुबह एक उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की स्थिति की समीक्षा की और कहा कि बिलिंग और कलेक्शन की क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी क्षेत्रों में, चाहे वह शहर हो या गांव, बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस वर्ष बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जो 30,339 मेगावाट दर्ज की गई है।
रिस्पांस सिस्टम को सक्रिय रखने के निर्देश
सीएम ने 2026 में बढ़ती बिजली मांग के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जैसे आंधी-तूफान के दौरान विद्युत व्यवस्था को बनाए रखने के लिए त्वरित रिस्पांस सिस्टम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को निर्देश दिया कि वे हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करें।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आम जनता को बिजली आपूर्ति के बारे में सही जानकारी दें और समाधान कब तक होगा, यह भी बताएं। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।