उत्तर प्रदेश में बिजली संकट: लखनऊ में प्रदर्शन और हंगामा
बिजली कटौती के खिलाफ लोगों का गुस्सा
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। राजधानी लखनऊ सहित कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, और बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ऐसे में लोग रात के अंधेरे में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं, पावर हाउसों का घेराव कर रहे हैं और जाम लगा रहे हैं।
लखनऊ में भारी हंगामा
गुरुवार रात लखनऊ के विभिन्न इलाकों में बिजली संकट को लेकर भारी हंगामा हुआ। गोमतीनगर सेक्टर-5, जानकीपुरम, बनी, फैजुल्लागंज और इंदिरानगर सेक्टर-25 में लोगों ने पावर हाउसों का घेराव किया। प्रदर्शन की तीव्रता इतनी बढ़ गई कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराने में काफी मेहनत करनी पड़ी। कुछ स्थानों पर स्थिति बिगड़ने पर बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौके से चले गए।
इनवर्टर भी हुए बेकार
चिनहट क्षेत्र के अशरफ विहार में गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बिजली चली गई। रात साढ़े दस बजे महज 15 मिनट के लिए बिजली आई, लेकिन फिर से आपूर्ति ठप हो गई। देर रात करीब ढाई बजे बिजली आई, लेकिन बार-बार ट्रिपिंग होती रही। लगभग 9 घंटे तक बिजली न रहने से इनवर्टर भी बेकार हो गए। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
विरोध प्रदर्शन का विस्तार
बीते तीन दिनों से बिजली संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। मंगलवार और बुधवार की रात को भी उत्तरेठिया न्यू एवं ओल्ड पावर हाउस, बीबीएयू पावर हाउस और फैजुल्लागंज उपकेंद्र पर लोगों ने हंगामा किया। इसी बीच, फैजुल्लागंज उपकेंद्र में संविदा लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
अब जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठानी शुरू कर दी है। सरोजनीनगर से भाजपा विधायक ने ऊर्जा मंत्री को 10 पन्नों का शिकायती पत्र भेजा है, जिसमें लखनऊ और अन्य क्षेत्रों में लो वोल्टेज, ट्रिपिंग और लगातार कटौती की समस्याओं का उल्लेख किया गया है।
संकट का व्यापक प्रभाव
यह संकट केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। गोंडा, कानपुर, सुल्तानपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में लोग बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही और पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर हर साल गर्मियों में ऐसी स्थिति पैदा कर देता है। हालांकि, बिजली विभाग ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया है, लेकिन फिलहाल जनता गर्मी और बिजली संकट से परेशान है।