उत्तर प्रदेश में बिजली संकट: बीजेपी विधायक ने ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र
भीषण गर्मी में बिजली संकट का सामना
उत्तर प्रदेश में इस समय अत्यधिक गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इस बीच, विभिन्न क्षेत्रों से अघोषित बिजली कटौती की खबरें आ रही हैं, जिससे जनता की परेशानियाँ और बढ़ गई हैं। विपक्ष योगी सरकार को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के भीतर भी असंतोष की आवाजें उठने लगी हैं। बीजेपी के विधायक अब ऊर्जा विभाग और सरकार को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।
बीजेपी विधायक की शिकायत
गोंडा सदर से बीजेपी विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने गोंडा जिले में बिजली की गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी दी है। विधायक ने कहा कि इस जानलेवा गर्मी में लगातार हो रही बिजली कटौती से जनता परेशान है और उनमें भारी आक्रोश है।
ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट
प्रतीक भूषण सिंह ने क्षेत्र की वास्तविकता को उजागर करते हुए कहा कि रातभर बिजली न आने के कारण लोगों का धैर्य टूट रहा है। गोंडा में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विधायक ने पत्र में लिखा, "बिजली न आने पर जनता सीधे हमें पकड़ती है।" उन्होंने लो-वोल्टेज और फुंके ट्रांसफार्मरों की समस्या का भी जिक्र किया, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्थिति गंभीर हो गई है।
आपातकालीन व्यवस्था की मांग
गोंडा में अघोषित बिजली कटौती पर चिंता व्यक्त करते हुए विधायक ने ऊर्जा मंत्री से त्वरित समाधान की मांग की है। उन्होंने मंत्री से तत्काल मुलाकात का समय मांगा है और सुझाव दिया है कि विभाग को इस संकट से निपटने के लिए 'आपातकालीन व्यवस्था' लागू करनी चाहिए, ताकि रात के समय बिजली कटौती को रोका जा सके।
अखिलेश यादव का तंज
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी में बिजली संकट को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "बिजली के नए प्लांट लगाना आपके बस में नहीं था, लेकिन कम से कम इसका नाम तो ले लेते।" उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी के शासन में केवल बिजली की मांग और दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन जनता को सप्लाई में कोई सुधार नहीं हो रहा।
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