उत्तर प्रदेश में बारिश से तबाही: 81 लोगों की मौत, 2,254 मकान क्षतिग्रस्त
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का असर
सितंबर के अंत में उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश ने कई क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित किया है। 25 से 27 सितंबर के बीच बारिश और तूफान से संबंधित घटनाओं में कम से कम 81 लोगों की जान गई और 62 लोग घायल हुए। इस दौरान राज्य में 2,254 मकानों को नुकसान पहुंचा है। ये आंकड़े उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय की स्थिति रिपोर्ट पर आधारित हैं।
48 घंटे में रिकॉर्ड बारिश
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 25 से 27 सितंबर की सुबह तक उत्तर प्रदेश में औसतन 66.5 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 7.6 मिमी था। इसका मतलब है कि बारिश सामान्य से लगभग 775 फीसदी अधिक रही। राज्य के 75 जिलों में से 56 जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा मौतें इन जिलों में
राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, सीतापुर में सबसे अधिक 7 मौतें हुईं। लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में 5-5 मौतें हुईं, जबकि अयोध्या, महराजगंज और गोरखपुर में 4-4 लोगों की जान गई।
मकानों को नुकसान
बारिश के कारण राज्य में 2,254 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। प्रशासन ने कच्चे मकानों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर असुरक्षित मकानों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी कहा गया है।
नेपाल सीमा पर बढ़ी निगरानी
भारी बारिश का प्रभाव केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। नेपाल में भी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने की चिंता बनी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश के नेपाल से सटे जिलों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
राहत और बचाव टीमें तैयार
उत्तर प्रदेश सरकार ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से संपर्क करने और मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। फायर सर्विस, PAC, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं जरूरत के अनुसार लेने को कहा गया है।
मौसम में सुधार की उम्मीद
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, मौसम में सुधार की संभावना जताई गई है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने के निर्देश जारी हैं।