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उत्तर प्रदेश में एलपीजी संकट: छापेमारी से खुलासा, 700 सिलेंडर गायब

उत्तर प्रदेश में एलपीजी संकट गहराता जा रहा है, जहां बांदा जिले में छापेमारी के दौरान 700 से अधिक गैस सिलेंडर गायब पाए गए। सरकारी रिकॉर्ड में पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उपभोक्ता कई दिनों से गैस के लिए कतार में खड़े हैं। अधिकारियों ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानें इस संकट के पीछे की वजह और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
 

एलपीजी संकट की गंभीरता

उत्तर प्रदेश में एलपीजी की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। बांदा जिले में हाल ही में की गई छापेमारी में एक कालाबाजारी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। एक ही दिन में 700 से अधिक गैस सिलेंडर गायब पाए गए, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में पर्याप्त स्टॉक दर्शाया गया था। गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां लोग धूप में खड़े होकर खाली हाथ लौट रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे पिछले चार से पांच दिनों से सिलेंडर भरवाने की कोशिश कर रहे हैं। एक ग्राहक ने कहा, "हम रोज आते हैं, लेकिन यहां गैस नहीं मिलती। अन्य जगहों पर यह अधिक कीमत पर बिक रहा है."


छापेमारी में मिली विसंगतियाँ

जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर, एसडीएम नमन मेहता के नेतृत्व में एक टीम ने गैस एजेंसियों, होटलों और रेस्तरां का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में जो तथ्य सामने आए, वे सरकारी आंकड़ों से पूरी तरह भिन्न थे। एक एजेंसी में पोर्टल पर 916 घरेलू सिलेंडर दर्ज थे, जबकि मौके पर केवल 310 सिलेंडर ही मिले। इसी तरह, 115 व्यावसायिक सिलेंडर सूचीबद्ध थे, लेकिन निरीक्षण के दौरान एक भी सिलेंडर नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि यह दर्शाता है कि एक ही दिन में 700 से अधिक सिलेंडरों की हेराफेरी हुई है।


घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई होटल व्यावसायिक सिलेंडरों के बजाय घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग कर रहे थे, जिससे घरों में गैस की कमी और बढ़ गई। एसडीएम नमन मेहता ने कहा कि पोर्टल पर दिखाए गए स्टॉक और जमीनी स्तर पर पाए गए स्टॉक में भारी अंतर है।


कानूनी कार्रवाई की शुरुआत

जांच के बाद, प्रशासन ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की है, जिसमें लापता सिलेंडर और घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग के मामले शामिल हैं। एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह संकट ऐसे समय में आया है जब ईरान-इजराइल संघर्ष सहित वैश्विक तनावों के कारण एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। हालांकि अधिकारी आपूर्ति को पर्याप्त बता रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।