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उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से तबाही: 31 लोगों की जान गई

उत्तर प्रदेश में हाल ही में आई आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 31 लोगों की जान चली गई और लगभग 500 तोते भी मारे गए। बुंदेलखंड क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों के निर्देश दिए हैं, जबकि मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दिनों में और खराब मौसम की चेतावनी दी है। जानें इस घटना के बारे में अधिक जानकारी और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति।
 

उत्तर प्रदेश में मौसम का कहर

UP Weather News: उत्तर प्रदेश में हाल ही में आई आंधी और बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण गुरुवार रात विभिन्न जिलों में मौसम अचानक बिगड़ गया। तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 31 लोगों की जान चली गई। सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए और कई क्षेत्रों में घरों के टिन शेड उड़ गए।


कहीं पेड़ गिरे तो कहीं उड़ गए आशियाने…UP में आंधी-बारिश का कहर, 31 मौतें; चित्रकूट में 500 तोतों की भी गई जान


बुंदेलखंड क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां 15 लोगों की जान गई। हमीरपुर में छह, बांदा में तीन, महोबा और जालौन के उरई में दो-दो लोगों की मौत हुई। इसके अलावा कौशांबी में चार, सहारनपुर और देवरिया में दो-दो तथा अन्य जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। अधिकांश हादसे बिजली गिरने और पेड़ गिरने के कारण हुए।


चित्रकूट में पक्षियों पर असर

500 तोतों की मौत


चित्रकूट में मौसम की मार का असर पक्षियों पर भी पड़ा, जहां तेज आंधी और बारिश के कारण लगभग 500 तोतों की जान चली गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण कई पेड़ गिर गए, जिससे पक्षियों के झुंड प्रभावित हुए।


लखनऊ और अन्य जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवाओं के चलते कई कच्चे मकानों की दीवारें ढह गईं और टिन शेड उड़ गए। कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति भी बाधित रही। सहारनपुर में भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों से पानी का तेज बहाव देखने को मिला, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।


मुख्यमंत्री का निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खराब मौसम से हुए नुकसान पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।


मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी

क्या बोले मौसम वैज्ञानिक?


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में मौसम का यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और समुद्री क्षेत्रों से आ रही नम हवाओं के कारण हुआ है। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में तूफान का खतरा बना हुआ है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज समेत करीब 20 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का असर देखा गया, जहां कुछ जगहों पर हवा की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।



मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 जून तक प्रदेश में मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। हालांकि 1 जून के बाद बारिश और आंधी की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। वहीं 3 और 4 जून को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है.