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उत्तर कोरिया की अमेरिका और दक्षिण कोरिया को चेतावनी

उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया को चेतावनी दी है कि उनके संयुक्त सैन्य अभ्यास से यदि उसे खतरा हुआ, तो वह कड़ी प्रतिक्रिया करेगा। किम यो जोंग ने इस अभ्यास की आलोचना करते हुए कहा कि इससे कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ सकता है। यह स्थिति अमेरिका के ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच उत्पन्न हुई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
 

उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया

अमेरिका, जो ईरान के खिलाफ युद्ध में व्यस्त है, को उत्तर कोरिया ने एक गंभीर चेतावनी दी है। यह चेतावनी उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और उनकी बहन किम यो जोंग द्वारा जारी की गई। उन्होंने न केवल अमेरिका बल्कि दक्षिण कोरिया पर भी अपना गुस्सा व्यक्त किया। दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच दशकों से दुश्मनी चल रही है, जबकि अमेरिका दक्षिण कोरिया का सहयोगी है। ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, अमेरिका ने दक्षिण कोरिया की सेना के साथ मिलकर एक सैन्य अभ्यास शुरू किया। यह अभ्यास दक्षिण कोरिया की भूमि पर हजारों किलोमीटर दूर आयोजित किया गया, जिसमें अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैकड़ों सैनिक शामिल हुए।


सैन्य अभ्यास पर उत्तर कोरिया की चिंता

यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने एक साथ सैन्य अभ्यास किया है। हालांकि, उत्तर कोरिया इसे अपने लिए खतरा मानता है और आरोप लगाता है कि दोनों देश मिलकर उसके खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में, अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने 11 दिन तक चलने वाले साझा युद्ध अभ्यास की शुरुआत की, जिससे उत्तर कोरिया में गुस्सा भड़क गया। किम यो जोंग ने इस अभ्यास की कड़ी आलोचना की और कहा कि दुनिया के कई देश पहले से ही युद्ध में हैं, जिससे वैश्विक सुरक्षा खतरे में है। ऐसे में इस अभ्यास से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ सकता है।


किम यो जोंग की चेतावनी

किम यो जोंग को उत्तर कोरिया में एक शक्तिशाली नेता माना जाता है। उन्होंने अमेरिका और दक्षिण कोरिया को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके सैन्य अभ्यास से उत्तर कोरिया को कोई खतरा हुआ, तो वह जोरदार पलटवार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया अपने कट्टर दुश्मनों, अमेरिका और दक्षिण कोरिया, को चुनौती देने के लिए तैयार है। इसके अलावा, उत्तर कोरिया ने ईरान में सुप्रीम लीडर मुस्तबा खामनई का समर्थन किया है, जो पश्चिम एशिया में अमेरिका के विरोधी खेमे में खड़ा है।