उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास अवैध निर्माण ध्वस्त
उज्जैन विकास प्राधिकरण की कार्रवाई
मध्य प्रदेश के उज्जैन में, विकास प्राधिकरण ने महाकाल मंदिर के निकट एक अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस कार्यवाही के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और नगर निगम के कर्मचारी मौजूद थे। थाना प्रभारी गगन बादल ने जानकारी दी कि मालाकाल क्षेत्र के बेगमबाग में उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा मकानों को तोड़ा जा रहा है, जहां लगभग 50 पुलिस अधिकारी तैनात हैं।
अवैध निर्माण का कारण
उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ ने बताया कि यह भूखंड आवासीय योजना का हिस्सा था, लेकिन लोगों ने इसे व्यावसायिक उपयोग के लिए बदल दिया, जो नियमों के खिलाफ है। एक साल पहले, प्राधिकरण ने पट्टे समाप्त कर दिए, जिसके बाद ये संरचनाएं अवैध बन गईं। आज, मकान नंबर 19, जो व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग में था, को ध्वस्त किया गया।
नगर निगम का सहयोग
नगर निगम के उपायुक्त संतोष टैगोर ने कहा कि यूडीए द्वारा मशीनरी और सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश मिला था, जिसमें 2 जेसीबी, 2 पोकलेन और एक डम्पर शामिल हैं। लगभग 60-70 कर्मचारी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में शिप्रा नदी के तट पर स्थित रामघाट मंदिर भारी बारिश के कारण जलमग्न हो गया है। यह घटना हिंदू धार्मिक पर्व ऋषि पंचमी के अवसर पर हुई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए आए। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है।
श्रद्धालुओं के लिए चेतावनी
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के जवान देवेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के कारण शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे गहराई में न जाएं और किनारे पर ही स्नान करें।