उच्चतम न्यायालय ने मनमोहन सिंह के खिलाफ कोयला मामले में आपराधिक कार्रवाई समाप्त की
कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में उच्चतम न्यायालय का निर्णय
नई दिल्ली, 29 जुलाई: उच्चतम न्यायालय ने कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई को समाप्त कर दिया है। अदालत ने उन्हें आरोपी के रूप में तलब करने वाले आदेश को रद्द कर दिया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा प्रस्तुत 'क्लोजर रिपोर्ट' को स्वीकार किया, जिसमें मनमोहन सिंह और अन्य को क्लीन चिट दी गई थी।
पीठ ने कहा, 'अपीलकर्ता के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के कारण यह अपील समाप्त की जा सकती थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश द्वारा संज्ञान लेने और अपीलकर्ता को तलब करने के पहलू पर विचार करने के लिए हमने सीबीआई द्वारा दाखिल दोनों क्लोजर रिपोर्टों का अध्ययन किया।' अदालत ने आगे कहा, 'जांच एजेंसी की रिपोर्ट को स्वीकार करने के संबंध में इस अदालत द्वारा निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए, हम संतुष्ट हैं कि विशेष न्यायाधीश के पास सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार करने का कोई कारण नहीं था। हम अपील को स्वीकार करते हैं और विवादित आदेश को रद्द करते हैं। परिणामस्वरूप, हम सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए मामले को बंद करते हैं।'
यह मामला 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक आवंटन से संबंधित कथित कोयला घोटाले से जुड़ा है, जिसमें एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पी. सी. पारेख और अन्य को आरोपी के रूप में तलब किया था। हालांकि, न्यायालय ने इस आदेश में हस्तक्षेप करते हुए इस पर रोक लगा दी थी।