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ईरान से वार्ता के लिए ट्रंप ने पाकिस्तान यात्रा रद्द की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से वार्ता के लिए अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है। उन्होंने ईरान को फोन करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना कम होती जा रही है। ट्रंप का यह निर्णय ऐसे समय आया है जब ईरान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान का दौरा किया था। जानें इस निर्णय के पीछे की वजह और ईरान-अमेरिका संबंधों का इतिहास।
 

ट्रंप का नया प्रस्ताव

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के लिए अपने दूतों को पाकिस्तान भेजने का निर्णय रद्द कर दिया है। उन्होंने ईरान को एक नया प्रस्ताव देते हुए कहा है कि यदि वे चाहें, तो वे फोन कर सकते हैं। ट्रंप ने शनिवार को यह जानकारी दी कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की इस्लामाबाद यात्रा अब नहीं होगी।


वार्ता की स्थिति

इन दूतों को पाकिस्तान में ईरान के प्रतिनिधियों से बातचीत करनी थी। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर तनाव बना हुआ है, जिससे इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना कम होती जा रही है। इससे ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।


ट्रंप का बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अमेरिकी दूत अब पाकिस्तान नहीं जाएंगे। मैंने अपनी टीम की यात्रा रद्द कर दी है, जो ईरानियों से मिलने के लिए इस्लामाबाद जा रहे थे। मुझे लगता है कि इस यात्रा में अनावश्यक समय बर्बाद होता है।'


ईरान की स्थिति

ट्रंप ने आगे कहा, 'हमारे पास सभी कार्ड हैं, लेकिन अगर ईरानी बात करना चाहते हैं, तो वे हमें कॉल कर सकते हैं। हम 18 घंटे की उड़ान भरकर सिर्फ बेकार की बातों के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। ईरानी नेतृत्व में आपसी कलह और भ्रम है, और किसी को नहीं पता कि वहां कौन निर्णय लेगा।'


ईरान के विदेश मंत्री की यात्रा

यह बयान तब आया है जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक दिन की यात्रा के बाद पाकिस्तान लौटे हैं। उन्होंने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस दौरान अमेरिका-ईरान युद्ध वार्ता का मुद्दा प्रमुख रहा।


ईरान-अमेरिका संबंधों का इतिहास

ईरान और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप 39 दिनों तक भीषण युद्ध चला, जिसमें दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ। 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ, जिसे ट्रंप ने अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया।


शांति वार्ता का प्रयास

सीजफायर के बाद, पाकिस्तान में 11-12 अप्रैल को शांति वार्ता हुई, लेकिन यह बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर की चर्चा हो रही है, लेकिन अब तक दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस बातचीत नहीं हो पाई है।