ईरान में गोली कोहकान की न्यायिक लड़ाई: एक बलूच महिला की दर्दनाक कहानी
गोली कोहकान की मार्मिक कहानी
गोली कोहकान की कहानी अत्यंत दुखद है। बचपन से ही उसने कई कठिनाइयों का सामना किया। अब उस पर अपने पति की हत्या का आरोप लगाया गया है, और उसे इस महीने किसी भी समय फांसी दी जा सकती है। यह कहानी उस लड़की की है, जिसके सपने बचपन में ही चुराए गए। जब उसे गुड्डे-गुड़ियों के साथ खेलने का समय था, तब वह मां बन गई। अपने बड़े पति से अत्याचार सहते हुए, अब उसे मौत की सजा का सामना करना पड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
गोली कोहकान, जो ईरान की एक बलूच महिला है, अब 25 वर्ष की हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि वह 2026 का सूरज नहीं देख पाएगी, क्योंकि उसे इसी महीने फांसी दी जा सकती है। उस पर अपने पति की हत्या का आरोप है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला ईरान की न्याय प्रणाली में बाल विवाह और घरेलू हिंसा का शिकार महिलाओं के प्रति लैंगिक भेदभाव का उदाहरण है।
कम उम्र में विवाह और मातृत्व
कोहकान की उम्र केवल 12 वर्ष थी जब उसे अपने चचेरे भाई से विवाह के लिए मजबूर किया गया। महज 13 वर्ष की आयु में, वह एक बेटे की मां बन गई। बच्चे के जन्म के समय उसे कोई चिकित्सा सहायता नहीं मिली और उसने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया।
पति के अत्याचार
कम उम्र में विवाह और मातृत्व ही कोहकान के दुखों का अंत नहीं था। उसके पति ने उसे हर दिन शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी। 2018 में, जब वह 18 वर्ष की थी, उसके पति ने कोहकान और उसके 5 वर्षीय बेटे को पीटना शुरू कर दिया। वर्षों से सहन की गई हिंसा को देखकर, कोहकान का धैर्य टूट गया।
पति की हत्या का मामला
आरोप है कि उसने मदद के लिए एक रिश्तेदार को बुलाया, और झगड़ा बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप उसने अपने पति की हत्या कर दी। तब से उसकी किस्मत का फैसला ईरान की अदालत में चल रहा है। हाल ही में उसे फांसी की सजा सुनाई गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है।
Blood Money की मांग
कोहकान अनपढ़ है और उसे कानूनी सहायता नहीं मिल रही है। उस पर पति की हत्या के आरोप को स्वीकार करने के लिए दबाव डाला गया है। उसकी फांसी माफ करने की एक ही शर्त है, यदि वह 90,000 डॉलर (लगभग 81 लाख रुपये) का Blood Money चुकाए। यह राशि उसके लिए जुटाना संभव नहीं है।