ईरान में खामेनेई की मृत्यु के बाद भारत की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई के निधन के बाद भारत ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली में ईरानी दूतावास जाकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। इस बीच, पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति बिगड़ रही है, जिसमें कई विस्फोट और ड्रोन हमले शामिल हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने भी सुरक्षा उपायों को बढ़ाया है। व्यापारिक गतिविधियों पर भी संकट का असर पड़ा है, जिससे वैश्विक व्यापार में चिंता बढ़ी है।
Mar 5, 2026, 18:35 IST
भारत की संवेदनाएं और ईरान में शोक
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिक्रिया पर सवाल उठने लगे थे। इस चर्चा के बीच, भारत ने अपने तरीके से इस पर प्रतिक्रिया दी है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली में ईरान के दूतावास जाकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और खामेनेई के निधन पर भारत सरकार की संवेदना व्यक्त की। इसे भारत की औपचारिक प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
ईरान में शोक और सुरक्षा स्थिति
खामेनेई की मृत्यु के बाद, ईरान सरकार ने उनके सम्मान में चालीस दिन का सार्वजनिक शोक और सात दिन का अवकाश घोषित किया है। देशभर में धार्मिक सभाएं और स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नई दिल्ली में ईरानी दूतावास में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए।
पश्चिम एशिया में सुरक्षा संकट
पश्चिम एशिया के कई शहरों में सुरक्षा स्थिति बिगड़ती जा रही है। हाल ही में दोहा और मनामा में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि ये विस्फोट शहर के केंद्रीय क्षेत्रों के निकट महसूस किए गए। कुछ लोगों ने आसमान में गतिविधियों की भी सूचना दी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले अमेरिका के दूतावास को खाली कराया गया था।
संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा कार्रवाई
संयुक्त अरब अमीरात ने हमलों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। देश के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। इसके अलावा, 129 ड्रोन का पता लगाया गया, जिनमें से 121 को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। मंत्रालय ने बताया कि ईरान की आक्रामक गतिविधियों के चलते अब तक 189 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से 175 को नष्ट किया गया।
घटनाओं का प्रभाव और हवाई यातायात
अबू धाबी में एक घटना में वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोके गए ड्रोन के मलबे गिरने से छह लोग घायल हो गए। इसके अलावा, कतर ने भी सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं, जिसमें अमेरिका के दूतावास के आसपास रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
व्यापारिक गतिविधियों पर असर
इस संकट का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। अबू धाबी की विमान सेवा इतिहाद ने सुरक्षा कारणों से सभी निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें स्थगित कर दी हैं। इससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
भारत के निर्यात पर संकट
भारत के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर पांच हजार से अधिक निर्यात कंटेनर अटके हुए हैं, जिनमें लगभग एक हजार रेफ्रिजरेटेड कंटेनर खराब होने वाली वस्तुओं से भरे हैं। इस स्थिति ने वैश्विक व्यापार में चिंता बढ़ा दी है।
विशेष रेल सेवाएं और नागरिकों की वापसी
संयुक्त अरब अमीरात ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। इतिहाद रेल ने अबू धाबी में यात्री रेल सेवाएं शुरू की हैं ताकि सऊदी अरब में फंसे अमीराती नागरिकों को वापस लाया जा सके।
भविष्य की चुनौतियाँ
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए, बल्कि वैश्विक कूटनीति, व्यापार और परिवहन व्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।