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ईरान में अमेरिकी फाइटर जेट के गिरने के बाद बचाव अभियान की चुनौतियाँ

ईरान में एक अमेरिकी फाइटर जेट के गिरने के बाद, अमेरिकी वायु सेना ने अपने बचाव अभियान की चुनौतियों का सामना किया। इस घटना के बाद, पायलटों की सुरक्षा के लिए SERE सिस्टम और अन्य विशेष उपकरणों का उपयोग किया गया। जानिए कैसे अमेरिकी वायु सेना अपने पायलटों को सुरक्षित रखने के लिए तैयार रहती है और किस प्रकार के हेलीकॉप्टर और विमान इस कार्य में शामिल होते हैं।
 

ईरान में अमेरिकी जेट का गिरना


हाल ही में अमेरिकी सूत्रों ने पुष्टि की है कि शुक्रवार को ईरान में एक अमेरिकी मिलिट्री फाइटर जेट को गिराया गया। दक्षिणी ईरान से प्राप्त फुटेज में अमेरिकी सेना के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को AC-130 हरक्यूलिस विमान से ईंधन भरते हुए देखा गया है, जो उस क्षेत्र में बार-बार उड़ान भर रहा है।

ईरान ने पहले दावा किया था कि उसने अमेरिकी वायु सेना के F-35 स्टेल्थ जेट को मार गिराया है, लेकिन मलबे की तस्वीरों से पता चला कि यह वास्तव में UK में तैनात स्क्वाड्रन 494 का F-15E था। एक पायलट को पहले ही बचा लिया गया है, और अमेरिका अब दूसरे क्रू मेंबर की तलाश कर रहा है ताकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पहुंचने से पहले उसे सुरक्षित निकाला जा सके।

ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया है कि एक पायलट को पकड़ लिया गया है, हालांकि पहले उसने बताया था कि एक स्टेल्थ जेट को मार गिराया गया था और वह धमाके के साथ फट गया था। इजरायल वायु सेना, योम किप्पुर युद्ध के बाद स्थापित यूनिट 669 का संचालन करती है, जिसका कार्य विमान से बाहर निकलने वाले पायलटों को बचाना है।

अमेरिकी वायु सेना का पैरा-रेस्क्यू (PJ) यूनिट दुश्मन की सीमा के पीछे विमान से बाहर निकलने वाले किसी भी एयरक्रू सदस्य को खोजने और बचाने का कार्य करता है। ये उन्हें ‘व्हिस्की’ में बिठाकर घर वापस लाते हैं, जो एक उन्नत ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर है।

फाइटर जेट उड़ाना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन जब पायलट को आपात स्थिति में विमान से इजेक्ट करना पड़ता है, तो SERE (Survival, Evasion, Resistance, Escape) सिस्टम काम करता है। यह एक मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें पायलट की इजेक्शन सीट के नीचे एक जीवन-रक्षा किट होती है।

पायलट के पास विशेष उपकरण होते हैं, जैसे हेलमेट, रेडियो सिस्टम और हथियार, जो उसे जीवित रहने में मदद करते हैं। SERE के चार मुख्य सिद्धांत होते हैं: सर्वाइवल, इवेजन, रेजिस्टेंस और एस्केप। इन सिद्धांतों के माध्यम से पायलट को कठिन परिस्थितियों में खुद को संभालने की ट्रेनिंग दी जाती है।

जब कोई फाइटर पायलट मिशन पर निकलता है, तो उसके पास आधुनिक सर्वाइवल रेडियो, लाइटवेट GAU-5A सर्वाइवल राइफल, इन्फ्रारेड सिग्नलिंग डिवाइस, सैटेलाइट-बेस्ड पर्सनल बीकन और मेडिकल किट होती है। ये सभी उपकरण उसे सुरक्षित रखने और सही समय पर बचाव दल तक अपनी लोकेशन पहुंचाने में मदद करते हैं।

अमेरिकी वायु सेना के पास विशेष हेलीकॉप्टर और विमान हैं, जिनमें HH-60W जॉली ग्रीन-2 हेलीकॉप्टर शामिल हैं। ये हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन का सिद्धांत वियतनाम युद्ध के दौरान विकसित हुआ, जिसमें बचाव हेलीकॉप्टर लगातार लड़ाकू विमानों की सुरक्षा में काम करते थे। अमेरिका की रेस्क्यू टीम ने कई सफलताएँ हासिल की हैं, जिनमें कैप्टन स्कॉट ओ’ग्रेडी और पायलट डेविड गोल्डफिन के मामले शामिल हैं।