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ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों के बीच बढ़ता तनाव

दक्षिणी ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों के चलते तनाव बढ़ता जा रहा है। बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि खुज़ेस्तान में अन्य हमलों में कई लोग घायल हुए। इस संघर्ष की शुरुआत एक महीने पहले हुई थी, जब ईरान पर हमले हुए थे। हाल ही में फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि इससे ईरान के साथ वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इजरायली सेना ने भी तेहरान में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं।
 

बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमला

दक्षिणी ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निकट एक अमेरिकी-इजरायली हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई। इससे पहले, ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में महशहर पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर हुए हमलों में पांच लोग घायल हुए थे। यह संघर्ष एक महीने पहले शुरू हुआ, जब ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले हुए थे, जिसमें पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। ईरान ने इस पर प्रतिक्रिया दी, जिससे लड़ाई पश्चिम एशिया में फैल गई और वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा लाखों लोगों पर इसका असर पड़ा।


फारस की खाड़ी में अमेरिकी विमान की दुर्घटना

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को फारस की खाड़ी में अमेरिकी वायु सेना का एक और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ए-10 वॉर्थोग विमान उस समय गिरा जब ईरान ने एक अमेरिकी एफ-15ई लड़ाकू विमान को मार गिराया था। पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि एफ-15 के दो चालक दल के सदस्यों में से एक को बचा लिया गया है।


ईरान के साथ वार्ता पर प्रभाव नहीं

एनबीसी न्यूज़ के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सैन्य विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से ईरान के साथ राजनयिक वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने वार्ता में बाधा आने की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि यह युद्ध है। लड़ाई और राजनयिक प्रयास एक साथ जारी रहेंगे, और यह उनकी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया है।


इजरायली सेना का हमला

इजरायली सेना ने बताया कि उसने तेहरान में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं। शनिवार को इजरायली वायुसेना ने बैलिस्टिक और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल भंडारण स्थलों पर हमला किया। एक दिन पहले किए गए हमलों में हथियार निर्माण स्थल और सैन्य अनुसंधान एवं विकास केंद्र शामिल थे। इजरायली सेना ने कहा कि ये हमले ईरान की मुख्य प्रणालियों और आधारभूत संरचनाओं को और अधिक नुकसान पहुंचाने के लिए चल रहे अभियान का हिस्सा हैं।