ईरान पर इजराइल और अमेरिका का हमला: रेजा पहलवी का संदेश
ईरान पर हमले का संदर्भ
28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर दिन के समय हमला किया। इस अवसर पर, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने ईरानियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय ईरान को पुनः प्राप्त करने का है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर इस हमले को "मानवीय हस्तक्षेप" करार दिया और इसे ईरान के लोगों के लिए "अंतिम विजय" की ओर ले जाने वाला एक "निर्णायक क्षण" बताया।
हमले के विवरण
हमले के बाद, तेहरान के विभिन्न हिस्सों से धुएं उठते हुए कई वीडियो सामने आए। पहले विस्फोट ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास हुए, हालांकि खामेनेई उस समय तेहरान में नहीं थे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ "न्यूक्लियर वार्ता" संतोषजनक नहीं रही है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हमले के बाद कहा कि यह "ऑपरेशन" ईरान के आतंकवादी शासन से "अस्तित्वगत खतरे" को समाप्त करने के लिए शुरू किया गया है।
रेजा पहलवी का आह्वान
पहलवी ने ईरानियों से "सड़कों पर लौटने" का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "यह एक मानवीय हस्तक्षेप है, जिसका लक्ष्य इस्लामिक गणराज्य और उसके दमनकारी तंत्र को समाप्त करना है, न कि ईरान के महान राष्ट्र को।" उन्होंने ईरान की सेना और सुरक्षा बलों से अपील की कि वे ईरानी लोगों की रक्षा करें, न कि इस्लामिक गणराज्य और उसके नेताओं की।
ट्रंप को संदेश
पहलवी ने सीधे ट्रंप से कहा कि उन्हें नागरिकों की सुरक्षा के लिए "अधिकतम सावधानी" बरतनी चाहिए। उन्होंने ईरानियों को अमेरिका के "प्राकृतिक सहयोगी" बताया और कहा कि ईरान के लोग अमेरिका की सहायता को नहीं भूलेंगे।
अंतिम विजय की ओर
पहलवी ने ईरानियों से कहा कि वे अपने घरों में सुरक्षित रहें और सही समय पर सड़कों पर लौटने के लिए तैयार रहें। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे अंतिम विजय के बहुत करीब हैं और ईरान को पुनः प्राप्त करने के लिए एकजुट होना होगा।