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ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद किया, अमेरिका के लिए नई चुनौतियाँ

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने का निर्णय लिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका की नाकाबंदी से नाराज होकर ईरान ने यह कदम उठाया है, जिससे ट्रंप के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं। क्या यह स्थिति तीसरे विश्व युद्ध की ओर ले जाएगी? जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और इसके संभावित आर्थिक परिणाम।
 

ईरान का यू-टर्न: होर्मुज स्ट्रेट का फिर से बंद होना

हाल ही में अमेरिका, ईरान, इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर के बाद, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की घोषणा की थी, जिससे वैश्विक स्तर पर राहत की लहर दौड़ गई थी। लेकिन अब, अमेरिका की नाकाबंदी से नाराज होकर, ईरान ने अचानक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने का निर्णय लिया है। ईरान की IRGC ने इस कदम से सभी को चौंका दिया है, जिससे महज 18 घंटे के भीतर होर्मुज पर फिर से लॉकडाउन लागू हो गया है.


ट्रंप के सामने नई चुनौतियाँ

ईरान के इस निर्णय के बाद, ट्रंप के पास अब क्या विकल्प बचे हैं? क्या वह ईरान की नई शर्तों के आगे झुकेंगे या फिर तेहरान पर बमबारी का दूसरा दौर शुरू करेंगे? इस स्थिति के बाद खाड़ी क्षेत्र में तीसरे विश्व युद्ध का खतरा महसूस किया जा रहा है.


शांति वार्ता का भविष्य

अब एक और महत्वपूर्ण सवाल उठता है: क्या इस्लामाबाद में सोमवार को होने वाली शांति वार्ता अब नहीं होगी? क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता विफल हो जाएगी? ईरान और अमेरिका के अड़ियल रुख से समुद्र में तनाव बढ़ने की आशंका है.


ईरान का बंद करने का कारण

ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद करने के पीछे कई कारण बताए हैं। ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान ने इस निर्णय की घोषणा की, जिसमें कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट पर उनका पूरा नियंत्रण है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका ईरान के बंदरगाहों से जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल नहीं करता, तब तक होर्मुज को नहीं खोला जाएगा.


अरागची का बयान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने हाल ही में घोषणा की थी कि सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोला जाएगा। लेकिन ट्रंप के बयान के बाद, जो ईरान को पसंद नहीं आया, स्थिति बदल गई और ईरान ने फिर से होर्मुज को बंद करने का आदेश दिया.


गोलियों की गूंज

ईरान ने होर्मुज को बंद करने के साथ ही वहां एक्शन लेना भी शुरू कर दिया है। लॉकडाउन के दौरान गोलियों की आवाजें सुनाई देने लगी हैं। ईरानी सेना ने होर्मुज को फिर से लॉक करते ही वहां तैनात जवानों को सक्रिय कर दिया है.


20 जहाजों की वापसी

इस बीच, IRGC की नौसेना ने होर्मुज बंद करने के बाद 20 जहाजों को वापस लौटाया है। अन्य जहाजों को भी वापस लौटने की सलाह दी जा रही है, और होर्मुज में इस समय 670 से अधिक कमर्शियल जहाज फंसे हुए हैं.


आर्थिक परिणाम

ईरान के इस निर्णय के आर्थिक परिणाम भी गंभीर हो सकते हैं। जब ईरान ने होर्मुज को खोलने की घोषणा की थी, तब कच्चे तेल के दाम में 11% की गिरावट आई थी। लेकिन अब, होर्मुज के फिर से बंद होने से तेल संकट गहरा सकता है, जिससे वैश्विक बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.


संभावित युद्ध की स्थिति

ईरान के इस कड़े फैसले से ट्रंप को फिर से हमला करने का बहाना मिल सकता है। ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान ने डील नहीं की, तो अमेरिका फिर से तेहरान पर बमबारी करेगा। यदि ईरान के बंदरगाहों से अमेरिकी नाकाबंदी नहीं हटती, तो ईरान भी चुप नहीं बैठेगा और खाड़ी देशों के पोर्ट को निशाना बना सकता है, जिससे तनाव और बढ़ सकता है.