ईरान ने भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग का आश्वासन दिया
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव के बीच भारत के लिए राहत
नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जहाजों के लिए इस जलमार्ग से गुजरने पर कोई टोल नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही, ईरान ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और होर्मुज जलमार्ग पर नाकेबंदी की घोषणा की है।
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'आप भारत सरकार से पूछ सकते हैं कि क्या हमने अब तक कोई शुल्क लिया है या नहीं।' उन्होंने यह भी कहा कि इस कठिन समय में दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं और वे साझा हितों पर विश्वास करते हैं।
फताली ने न्यूज18 से बातचीत में कहा कि भारतीय जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित निकलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'भारत सरकार के साथ ईरान के संबंध मजबूत और भरोसेमंद हैं। भारत ने इस कठिन समय में एक समझदार और विश्वसनीय साथी के रूप में खुद को साबित किया है।' उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही ईरान एक नई व्यवस्था की घोषणा करेगा, जिसमें जहाजों के निकलने की प्रक्रिया का विवरण होगा।
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि होर्मुज में फंसे 15 भारतीय ध्वज वाले जहाजों को वापस लाने के प्रयास जारी हैं। अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि हम विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर अपने जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी के खिलाफ कई देशों ने समर्थन नहीं किया है। ब्रिटेन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह इसका समर्थन नहीं करेगा। जापान ने होर्मुज में माइनस्वीपर तैनाती का निर्णय टाल दिया है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि उन्हें अमेरिका से इस संबंध में कोई संदेश नहीं मिला है। खबर है कि फ्रांस और ब्रिटेन होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेज़बानी करेंगे।