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ईरान ने अमेरिकी हमलों का दिया जवाब, तनाव बढ़ा मिडिल ईस्ट में

मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है, जब ईरान ने अमेरिका के हवाई हमलों का जवाब देते हुए एक सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता को गंभीर झटका दिया है। कुवैत ने भी अपनी वायुसेना को अलर्ट किया है। जानें इस स्थिति का क्या असर होगा और आगे क्या हो सकता है।
 

तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ता तनाव

तेहरान/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। अमेरिका द्वारा ईरान के रणनीतिक बंदर अब्बास पोर्ट के निकट किए गए हवाई हमलों के बाद, ईरान ने अमेरिका पर कड़ा पलटवार किया है। ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने यह दावा किया है कि उसने क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य एयरबेस को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है.


बंदर अब्बास पर हमले के बाद ईरान की प्रतिक्रिया

तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि स्थानीय समयानुसार सुबह 4:50 बजे अमेरिकी ठिकानों पर यह हमला किया गया। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई बंदर अब्बास एयरपोर्ट के आसपास अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों का प्रतिशोध है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से ईरान ने यह नहीं बताया कि उसने किस अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया। इस जवाबी कार्रवाई के बाद, कुवैत ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि उनकी वायुसेना अपनी सीमा की ओर आ रहे मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर रही है.


शांति वार्ता पर असर

तनावपूर्ण स्थिति और युद्धविराम की उम्मीदें
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता और युद्धविराम की कोशिशों को इस नए टकराव ने बड़ा झटका दिया है। आईआरजीसी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उसके देश पर दोबारा हमला हुआ, तो इससे भी अधिक घातक प्रतिक्रिया दी जाएगी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बंदर अब्बास के पास हुई इस गोलाबारी के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में अलर्ट जारी कर दिया गया है.