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ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमलों से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हमलों ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रूस की न्यूक्लियर कंपनी के प्रमुख ने स्थिति को गंभीर बताया है। इजरायल पर हमलों का आरोप लगाया गया है, जबकि इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने हमलों की पुष्टि की है। जानें इस संकट की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
 

मिडिल ईस्ट में युद्ध की नई चुनौतियाँ


मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच एक नई रिपोर्ट ने चिंता को बढ़ा दिया है। रूस की सरकारी न्यूक्लियर कंपनी रोसाटॉम के प्रमुख ने शनिवार (28 मार्च) को जानकारी दी कि ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट की स्थिति गंभीर हो रही है। यह रिपोर्ट उस हमले के एक दिन बाद आई है, जिसने न्यूक्लियर सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि बुशहर के आसपास एक बड़ा हमला हुआ है। यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब ऐसा हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इन हमलों के कारण किसी भी सक्रिय रिएक्टर को नुकसान नहीं पहुंचा है।

रूसी रिपोर्ट में क्या कहा गया?
रूस के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बुशहर के पास हुए हमले की पुष्टि की। प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि हमें उम्मीद है कि IAEA के निदेशक जनरल को ईरानी अधिकारियों से सीधे जानकारी मिलने के बाद हमलावरों को स्पष्ट संदेश दिया जा सकेगा।

क्या इजरायल या अमेरिका ने किया हमला?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघाची ने शुक्रवार को एक पावर प्लांट पर हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इजरायल ने ऊर्जा सुविधाओं से दूर रहने के अपने वादे का उल्लंघन किया है। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि वह इजरायल के हर हमले का जवाब देगा।

फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि स्थानीय समयानुसार रात 11.40 बजे बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट में एक मिसाइल गिरने की सूचना मिली थी। हालांकि, इस हमले में किसी नुकसान की जानकारी नहीं है। एजेंसी ने यह भी कहा कि बुशहर अभी भी चालू स्थिति में है। लेकिन कुछ रिपोर्टों में चेतावनी दी गई है कि इस प्लांट में किसी भी प्रकार का नुकसान गंभीर परमाणु दुर्घटना का कारण बन सकता है।