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ईरान की सख्त चेतावनी: हमलावरों को नहीं छोड़ेंगे

ईरान ने पाकिस्तान में बातचीत से पहले अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने हमलावरों को सजा देने की बात कही है और शहीदों के लिए ब्लड मनी की मांग की है। उनका बयान अमेरिका-इजरायल के साथ दो सप्ताह के सीजफायर के बीच आया है। ईरान के राष्ट्रपति ने युद्धविराम के लिए इजरायली हमलों का रुकना आवश्यक बताया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते पर संदेह जताया है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

ईरान की मांगें और चेतावनियाँ


ईरान ने पाकिस्तान में बातचीत से पहले अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि आक्रमण करने वालों को बिना सजा नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान शहीदों के लिए ब्लड मनी की मांग करेगा। उनका यह बयान उस समय आया है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच दो सप्ताह का सीजफायर हुआ है और पाकिस्तान में आगे की वार्ता होने वाली है। खामेनेई ने इस युद्ध में ईरान की जीत का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, 'आज तक के हालातों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि ईरान की बहादुर जनता इस मैदान में असली विजेता रही है।'

खामेनेई ने कई मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा, 'हम अपराधी हमलावरों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे। हम हर चोट का हर्जाना, शहीदों के लिए ब्लड मनी और इस जंग में अपाहिज हुए सैनिकों के लिए मुआवजा जरूर लेंगे। इसके साथ ही, हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रबंधन को एक नए स्तर पर ले जाएंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्थायी सीजफायर का मतलब युद्ध का अंत नहीं है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि पश्चिम एशिया में युद्धविराम लागू करने के लिए लेबनान में इजरायली हमलों का तुरंत रुकना एक महत्वपूर्ण शर्त है। उन्होंने कहा कि ईरान की 10-सूत्रीय योजना के तहत प्रस्तावित युद्धविराम 'ईरानी नेतृत्व और जनता के बलिदान का परिणाम' है। उन्होंने यह भी कहा कि अब देश कूटनीति, रक्षा और जनभागीदारी के स्तर पर एकजुट रहेगा।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौते के प्रभावी होने को लेकर आशंका जताई है। उन्होंने कहा, 'ईरान बहुत खराब काम कर रहा है। ईरान तेल को होर्मुज से गुजरने देने के संदर्भ में बहुत खराब काम कर रहा है। कुछ लोग इसे शर्मनाक कहेंगे।' उन्होंने यह भी कहा, 'हमारे बीच ऐसा कोई समझौता नहीं है।'

पाकिस्तान, जो अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेज़बानी करने जा रहा है, ने इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। हालांकि, शीर्ष ईरानी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर किए गए इजराइली हमले वार्ता को निरर्थक बना सकते हैं। अमेरिका और ईरान ने बुधवार को दो हफ्ते के लिए सशर्त युद्ध-विराम पर सहमति जताई थी। इसके बाद, मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा युद्ध-विराम को स्थायी शांति में बदलने के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बैठक होनी है।