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ईरान की अमेरिका को चेतावनी: होर्मुज जलडमरूमध्य बनेगा कब्रगाह

ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मोहसिन रजाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उसने कोई हिमाकत की, तो होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिकी सेना के लिए कब्रगाह बन जाएगा। उन्होंने अमेरिकी सेना को 'समुद्री लुटेरा' करार दिया और डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से हमले की चेतावनी दी है। ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान के 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव का भी जिक्र किया। जानें इस तनावपूर्ण स्थिति के ताजा घटनाक्रम।
 

ईरान का सख्त संदेश

ईरान के एक प्रमुख अधिकारी और रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर मोहसिन रजाई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने कोई गलत कदम उठाया, तो होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिकी सेना के लिए कब्रगाह बन जाएगा।


अमेरिकी सेना पर तीखा हमला


रजाई ने अमेरिकी सेना को 'समुद्री लुटेरा' करार दिया और कहा कि अमेरिका एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर हैं। उन्होंने पिछले महीने गिराए गए अमेरिकी F15E विमान का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि अमेरिकी जहाजों और सैनिकों का भी वही हाल हो सकता है।


डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने कोई गलत कदम उठाया, तो अमेरिका फिर से हमले शुरू कर देगा। ट्रंप का कहना है कि तेहरान वर्तमान में भारी दबाव में है और समझौता करने की कोशिश कर रहा है।


पाकिस्तान की मध्यस्थता

ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान ने एक 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसे अमेरिकी प्रशासन देख रहा है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रस्ताव में सबसे पहले होर्मुज के रास्ते को खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने की शर्त रखी गई है।


ताजा घटनाक्रम

जंग की तैयारी: ईरानी अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने कहा है कि उनकी सेना अमेरिका के साथ युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।


अमेरिकी ठिकानों को नुकसान: एक रिपोर्ट के अनुसार, हालिया संघर्ष में ईरान ने मध्य पूर्व के 8 देशों में 16 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है।


जहाजों ने बदला रास्ता: अमेरिका का दावा है कि उसके दबाव के कारण पिछले 20 दिनों में 48 जहाजों ने ईरान के बंदरगाहों की बजाय अपना रास्ता बदल लिया है।


क्यूबा पर कब्जे का संकेत: ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ विवाद के बाद अमेरिका क्यूबा पर नियंत्रण करने पर विचार कर सकता है।