ईरान का सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमला
तेहरान का बड़ा हमला
तेहरान। ईरान ने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइलों और ड्रोन से एक महत्वपूर्ण हमला किया है। इस हमले में अमेरिकी विमान 'E-3 AWACS' पूरी तरह से नष्ट हो गया है। ईरान का दावा है कि इस हमले में 10 अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं। पिछले एक महीने से दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष में भारी तबाही हुई है।
हमले की विस्तृत जानकारी
पश्चिम एशिया से एक महत्वपूर्ण खबर आई है। पिछले एक महीने से चल रहे भीषण युद्ध के बीच, ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। ईरान के अनुसार, इस हमले में कई अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 ड्रोन का उपयोग किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिका का अत्याधुनिक कमांड और कंट्रोल विमान 'E-3 AWACS' मलबे में तब्दील हो गया है।
घायल अमेरिकी सैनिक
ईरान का दावा है कि इस हमले में कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
युद्ध का विस्तार
28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद से सऊदी अरब का प्रिंस सुल्तान एयरबेस लगातार ईरान के निशाने पर रहा है। ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका के एक MQ-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराया है और एक F-16 लड़ाकू विमान को नुकसान पहुंचाया है।
आम जनता पर प्रभाव
यह युद्ध अब केवल तीन देशों तक सीमित नहीं रहा है। यमन के हूती बागियों ने भी इस्राइल पर मिसाइलें दागी हैं। इस खूनी संघर्ष में आम जनता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। हाल ही में मिनाब में एक गर्ल्स स्कूल पर मिसाइल गिरने से लगभग 168 बच्चियों की मौत हो गई। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका और इस्राइल के ठिकानों पर ऐसे हमले जारी रखेगा।