ईरान का अमेरिका के साथ वार्ता से इनकार, नाकाबंदी हटाने की शर्त
ईरान के राष्ट्रपति का सख्त रुख
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी, तब तक कोई भी प्रत्यक्ष वार्ता संभव नहीं है। उन्होंने यूएस के साथ बातचीत से इनकार किया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से बातचीत
शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ फोन पर हुई बातचीत में, पेज़ेश्कियन ने यह बात दोहराई। उन्होंने कहा कि शांति की राह में मुख्य बाधा संवाद की कमी नहीं, बल्कि अमेरिका की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयां हैं।
पेज़ेश्कियन की स्पष्ट चेतावनी
पेज़ेश्कियन ने कहा कि ईरान किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी के तहत बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की शत्रुतापूर्ण नीतियों के चलते बातचीत का माहौल बनाना मुश्किल है।
नाकाबंदी हटाने की शर्त
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका को सलाह दी कि यदि वह बातचीत फिर से शुरू करना चाहता है, तो उसे पहले नौसैनिक नाकाबंदी सहित सभी बाधाएं हटानी होंगी। उन्होंने इसे विश्वास बहाली का पहला कदम बताया।
आठ हफ्तों से बढ़ता तनाव
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव पिछले आठ हफ्तों से बढ़ रहा है। 13 अप्रैल से अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के कारण ईरान के कई बंदरगाह प्रभावित हुए हैं।
ट्रंप का बयान
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों से मिलने का कोई मतलब नहीं जिनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान सीमित हो।
वाशिंगटन की मांगें
ट्रंप ने कहा कि ईरान का प्रस्ताव पर्याप्त नहीं है, खासकर उस मांग के संदर्भ में जिसमें 20 सालों तक यूरेनियम संवर्धन रोकने की बात कही गई है।
ईरान का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद से वापस
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ एक व्यावहारिक ढांचा साझा किया है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका की कूटनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए।