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ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच मिसाइल हमले

ईरान ने इजराइल पर बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। यह हमला लेबनान पर इजराइली हमलों का जवाब माना जा रहा है। इजराइल ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली से अधिकांश मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया है, लेकिन देश में तनाव चरम पर पहुंच चुका है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजराइल ने कोई सैन्य कार्रवाई की, तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक विनाशकारी होगा। इस स्थिति ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है।
 

इजराइल पर ईरान का मिसाइल हमला

रात भर इजराइल के आसमान में धमाकों की गूंज सुनाई दी। मिसाइलों और ड्रोन ने इजराइल की ओर बढ़ना जारी रखा, जबकि एयर डिफेंस सिस्टम उन्हें रोकने में असफल रहा। कई शहरों में सायरन बजते रहे, जिससे लाखों लोगों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट सुनाई दे रही है, और इस बार ईरान ने सीधे मोर्चा खोला है। रविवार की रात, ईरान ने इजराइल की ओर बैलेस्टिक मिसाइलें दागी। लगभग उसी समय, लेबनान से हिजबुल्ला ने भी ड्रोन और मिसाइलों के जरिए हमला शुरू किया। दो दिशाओं से हुए इन हमलों ने इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। इजराइली सेना के अनुसार, उत्तरी क्षेत्रों की ओर कई मिसाइलें दागी गईं, जिनमें हाइफा और नाजरेथ जैसे इलाके शामिल थे। अप्रैल में संघर्ष विराम के बाद, यह पहली बार है जब ईरान ने इजराइल पर सीधे हमला किया है। इस हमले को गंभीर माना जा रहा है। इजराइल का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को नष्ट कर दिया है, लेकिन देश में तनाव चरम पर पहुंच चुका है। ईरान का कहना है कि यह हमला लेबनान पर इजराइली हमलों का जवाब है। पिछले कुछ दिनों से, इजराइली सेना बेरूत और दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले कर रही थी। ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके, तो वह हस्तक्षेप करेगा। अब ऐसा लगता है कि तेहरान ने अपनी चेतावनी को कार्रवाई में बदल दिया है।


ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय स्थिति


ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने ईरान और लेबनान के झंडों की तस्वीर साझा करते हुए दोनों देशों की एकजुटता का संदेश दिया। सर्वोच्च नेता मुस्तबा खामीन के सलाहकार मोहसेन रिजाई ने कहा कि ईरान ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि युद्ध विराम का उल्लंघन और लेबनान पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इजराइल को उसकी कार्रवाई का जवाब मिल गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने आरोप लगाया है कि इजराइल अमेरिका की मदद से लेबनान में युद्ध अपराध कर रहा है। आईआरजीसी ने दावा किया है कि इजराइल ने प्रतिबंधित हथियारों का इस्तेमाल किया है, जिससे जवाबी कार्रवाई जरूरी हो गई थी। हिजबुल्ला ने भी कहा है कि उसके लड़ाकों ने इजराइली सैनिकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। अब संघर्ष केवल ईरान और इजराइल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैले ईरान समर्थित समूह भी सक्रिय हो गए हैं।


इजराइल की संभावित प्रतिक्रिया

इजराइली सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इस हमले का जवाब देगी। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजराइल ने कोई सैन्य कार्रवाई की, तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक विनाशकारी होगा। ईरान ने यह भी कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी उसके लिए वैध लक्ष्य बन सकते हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति को हालात की जानकारी दी गई है। वाशिंगटन घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दे रहा है। यह स्पष्ट है कि युद्ध विराम की दीवार टूट चुकी है। इजराइल के शहरों पर ड्रोन और मिसाइलों की उपस्थिति से यह संकेत मिलता है कि युद्ध रुकने वाला नहीं है, बल्कि और तेज होने वाला है। रात भर मिसाइलों और ड्रोन की बौछार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अगर इजराइल और ईरान ने हमले तेज किए, तो पूरा मिडिल ईस्ट एक बड़े युद्ध की आग में झुलस सकता है, जिसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी पड़ सकती है।