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ईरान और अमेरिका के बीच सीज़फ़ायर: होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर टोल लगाने की योजना

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीज़फ़ायर समझौते में होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर टोल लगाने की योजना सामने आई है। यह जलमार्ग विश्व के कुल तेल व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ईरान इस टोल से प्राप्त राशि का उपयोग युद्ध के कारण हुए नुकसान के पुनर्निर्माण के लिए करेगा। इस समझौते के तहत, जलमार्ग को कुछ शर्तों के साथ फिर से खोला जाएगा। आगे की बातचीत में जलडमरूमध्य के भविष्य और शांति बनाए रखने के पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
 

सीज़फ़ायर और होर्मुज़ जलडमरूमध्य का महत्व

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर समझौते से जुड़ी एक नई जानकारी सामने आई है। इस समझौते के तहत, ईरान और ओमान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 'ट्रांज़िट फ़ीस' लगाने की अनुमति मिल सकती है।


जलडमरूमध्य का भू-राजनीतिक महत्व

होर्मुज़ जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी का एक संकरा हिस्सा है, विश्व के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा संभालता है। यह जलमार्ग केवल 34 किलोमीटर चौड़ा है और ओमान तथा ईरान दोनों के समुद्री क्षेत्र में आता है। अब तक इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में 'टोल-फ्री' रखा गया था।


पुनर्निर्माण के लिए फंड का उपयोग

समाचार रिपोर्टों के अनुसार, ईरान इस टोल से प्राप्त राशि का उपयोग युद्ध के कारण हुए नुकसान के पुनर्निर्माण के लिए करेगा।


सीज़फ़ायर की घोषणा

अमेरिका और ईरान ने हाल ही में 40 दिनों से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए सीज़फ़ायर पर सहमति जताई। इसके तहत, तेहरान ने इस जलमार्ग को कुछ शर्तों के साथ फिर से खोलने पर सहमति दी।


भविष्य की बातचीत

जलडमरूमध्य के भविष्य और शांति बनाए रखने के अन्य पहलुओं पर चर्चा अमेरिका और इज़रायल के बीच होने वाली बातचीत में शामिल की जाएगी।


ट्रांज़िट फ़ीस की संरचना

ट्रांज़िट फ़ीस जहाज के प्रकार, उसमें लदे माल और अन्य परिस्थितियों के आधार पर भिन्न होगी। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि वे ओमान के साथ मिलकर एक प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं।


अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून

संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के अनुसार, जलडमरूमध्य से सटे देश केवल मार्ग देने के बदले में भुगतान की मांग नहीं कर सकते। हालांकि, वे कुछ विशेष सेवाओं के लिए सीमित शुल्क लगा सकते हैं।