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ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष विराम: नई शांति की उम्मीद

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा ने मध्य पूर्व में नई शांति की उम्मीदें जगाई हैं। दोनों देशों के बीच एक महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध के बाद, मोजतबा खामेनेई की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ईरान के विदेश मंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात की सुरक्षा की गारंटी दी है। व्हाइट हाउस ने इसे अमेरिका की जीत बताया है। जानें इस समझौते के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

संघर्ष विराम की घोषणा

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा ने मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीदें जगाई हैं। दोनों देशों के बीच पिछले एक महीने से अधिक समय से युद्ध चल रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को संघर्ष विराम के लिए एक समय सीमा दी थी, लेकिन समय सीमा समाप्त होने से ठीक 90 मिनट पहले दोनों पक्षों ने युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की। इस बीच, यह भी कहा जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस संघर्ष विराम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके निर्देश पर ही ईरान ने युद्धविराम के लिए सहमति दी है। हालांकि, कुछ इजरायली मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई युद्ध के प्रारंभिक चरण में एक हमले में घायल होकर कोमा में हैं।


मोजतबा खामेनेई की भूमिका

अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार अपने वार्ताकारों को समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मोजतबा, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं, जो 28 फरवरी को एक हवाई हमले में मारे गए थे। उनकी मृत्यु के बाद मोजतबा को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया। हालांकि, वह लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाई दिए हैं।


यातायात की सुरक्षा

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह जलडमरूमध्य दुनिया के तेल और गैस का एक बड़ा हिस्सा पार करता है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "यह आवाजाही ईरान के सशस्त्र बलों के समन्वय से और तकनीकी सीमाओं का ध्यान रखते हुए संभव होगी।"


व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम की सराहना करते हुए इसे अमेरिका के लिए एक "जीत" बताया। उन्होंने कहा, "हमारी सेना की सफलता ने हमें बातचीत में मजबूत स्थिति में ला दिया, जिससे राष्ट्रपति और उनकी टीम कड़े समझौते कर सकी, जिससे अब कूटनीतिक समाधान और दीर्घकालिक शांति की संभावना बढ़ गई है।"