ईरान-इज़राइल संघर्ष में बढ़ी तनाव की लहर, ट्रंप की चेतावनी का असर नहीं
पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव की स्थिति
पश्चिम एशिया एक बार फिर से बड़े सैन्य संघर्ष की चपेट में आ गया है। ईरान के विभिन्न शहरों, जिसमें राजधानी तेहरान भी शामिल है, में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इज़राइल ने अपने सैन्य ठिकानों पर हमले करने की पुष्टि की है। यह सब तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इज़राइली प्रधानमंत्री को तेहरान के मिसाइल हमलों का जवाब न देने की सलाह दी थी।
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ती धमकियाँ
ईरान के शहरों में ये हमले उस समय हुए जब तेहरान और तेल अवीव के बीच तनाव बढ़ रहा था। यह घटनाक्रम रविवार रात को इज़राइल पर ईरान के मिसाइल हमले के बाद शुरू हुआ, जो कि 8 अप्रैल को हुए संघर्षविराम के बाद का पहला सीधा टकराव था। ईरान ने इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की थी।
ईरान के शहरों में धमाकों की पुष्टि
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने पुष्टि की है कि सोमवार तड़के ईरान के तीन प्रमुख शहरों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। ये शहर हैं: तेहरान, तबरीज़, और इस्फ़हान। IRGC ने आरोप लगाया है कि इज़राइली वायुसेना ने इस हमले में अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
तेल की कीमतों में वृद्धि
हालिया तनाव के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिसमें $2 प्रति बैरल से अधिक की वृद्धि हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इज़राइल पर दबाव डाला है कि वह लेबनान में हमले बंद करे ताकि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए कोई समझौता हो सके।
ट्रंप की चेतावनी और इज़राइल की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि वे और हमले न करें क्योंकि वे एक डील के करीब हैं। इसके बावजूद, इज़राइल ने बेरूत में हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने इज़राइली ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।
कूटनीति और संघर्ष का जटिल समीकरण
ट्रंप ने कहा कि हालिया तनाव कूटनीति को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "सारे फ़ैसले मैं लेता हूँ।" इज़राइल ने लेबनान में अपने हमले जारी रखे हैं, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई है।