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ईरान-इजरायल संघर्ष में कतर पर मिसाइल हमला, वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका

मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष ने एक नया मोड़ लिया है, जब ईरान ने कतर के LNG प्लांट पर मिसाइल हमला किया। इस हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मच गई है, जिससे गैस की कीमतों में वृद्धि और उत्पादन ठप होने की आशंका जताई जा रही है। कतर सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मानते हुए ईरान के सैन्य अटैची को देश छोड़ने का आदेश दिया है। जानें इस तनावपूर्ण स्थिति का वैश्विक प्रभाव और क्षेत्रीय विशेषज्ञों की राय।
 

मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव


दोहा/तेहरान, 19 मार्च 2026 – ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। इजरायल के द्वारा ईरान के प्रमुख साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में, ईरान ने कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइलों से हमला किया। यह स्थान दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट है।


कतर एनर्जी (QatarEnergy) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि ईरानी मिसाइलों के हमले से रास लफ्फान साइट पर “व्यापक क्षति” हुई है। हमले के बाद आग लग गई, जिसे कतर की सिविल डिफेंस टीमों ने नियंत्रित किया, लेकिन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा। कतर सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता पर “खुला हमला” करार देते हुए ईरान के सैन्य और सुरक्षा अटैची को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है।


ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इसे “मजबूत चेतावनी” बताया है। ईरान ने पहले ही सऊदी अरब, यूएई और कतर की कई ऊर्जा साइटों को “वैध लक्ष्य” घोषित किया था, जिसमें रास लफ्फान रिफाइनरी और मेसाइद पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। यह प्रतिक्रिया इजरायल के हमले के तुरंत बाद हुई, जिसमें ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड की प्रोसेसिंग फैसिलिटी को निशाना बनाया गया था। ईरान का कहना है कि अमेरिका-इजरायल ने मिलकर यह हमला किया, जिससे गैस उत्पादन प्रभावित हुआ और कुछ रिफाइनरी बंद हो गईं।


वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव

वैश्विक प्रभाव



  • तेल और गैस कीमतों में भारी उछाल: ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

  • कतर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LNG निर्यातक है (लगभग 20% वैश्विक आपूर्ति)। हमले से उत्पादन ठप होने की आशंका है, जिससे यूरोप, एशिया और भारत में गैस संकट गहरा सकता है।

  • सऊदी अरब ने भी ईरानी मिसाइलों को रोकने का दावा किया है, जबकि यूएई ने अल होस्न गैस फील्ड पर हमले की निंदा की।


अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इजरायल ने साउथ पार्स पर हमला किया था, लेकिन अमेरिका को इसकी पूर्व सूचना नहीं थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान कतर पर और हमले करता रहा, तो अमेरिका-इजरायल मिलकर साउथ पार्स फील्ड को पूरी तरह नष्ट कर देंगे।


कतर के विदेश मंत्रालय ने दोनों हमलों (इजरायल और ईरान) की निंदा की और इसे “खतरनाक वृद्धि” बताया। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध अब ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित हो गया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य की नेविगेशन पहले से ज्यादा जोखिम भरी हो गई है।


स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय डी-एस्केलेशन की अपील कर रहा है, लेकिन दोनों पक्षों से कोई पीछे हटने का संकेत नहीं मिल रहा।