ईरान-इजरायल संघर्ष का असर: ऑयल की कीमतों में भारी वृद्धि
ऑयल की कीमतों में वृद्धि
रायपुर: ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का प्रभाव एलपीजी और सामान्य इंजन ऑयल की कीमतों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। इंजन ऑयल की कीमतें 15% से 25% तक बढ़ चुकी हैं। बुधवार को अमेरिका ने सीजफायर की घोषणा की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि युद्ध कब तक रुकेगा। इस बीच, गाड़ियों में उपयोग होने वाले इंजन ऑयल, गियर ऑयल और हाइड्रोलिक ऑयल की कीमतों में प्रति लीटर लगभग 30 से 40 रुपये की वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध समाप्त नहीं होता है, तो आने वाले दिनों में ऑयल की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। छत्तीसगढ़ में कई किसान ट्रैक्टर का उपयोग करते हैं, जिससे उन पर भी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
ग्राहकों की प्रतिक्रिया
एक ग्राहक ने कहा, "मैं अपनी गाड़ी की सर्विसिंग कराने आया हूं। पहले ऑयल की कीमतें 200, 250 और 300 रुपये तक होती थीं, लेकिन अब यह 350 रुपये तक पहुंच गई है। ग्रीस की कीमतों में भी 30 से 40 रुपये की वृद्धि हुई है।"
एक अन्य दुकानदार रामचंद्र ने बताया, "मैं एक्टिवा के लिए सर्वो का ऑयल खरीदने आया था। दुकान पर पहुंचने पर पता चला कि ऑयल की कीमतें 30 से 40 रुपये बढ़ गई हैं। दुकानदारों का कहना है कि युद्ध के कारण माल की सप्लाई कम हो रही है।"
दुकानदारों की राय
लुब्रिकेंट ऑटोमोबाइल के दुकानदार दिनेश छाबड़ा ने कहा, "हम दो कंपनियों के ऑयल डिस्ट्रीब्यूटर हैं। हमारे पास गुड ईयर, वासु, 4 T कैस्ट्रॉल, एचपी, सर्वो और मैक जैसी कंपनियों के ऑयल हैं। सभी प्रकार के ऑयल में प्रति लीटर 30 से 50 रुपये तक की वृद्धि हुई है।"
भाटापारा में पेट्रोल पंप संचालक वासु मखीजा ने कहा, "क्रूड ऑयल के सभी उत्पादों में लुब्रिकेंट ऑयल भी शामिल है। पिछले 20 दिनों में इनकी कीमतें 15 से 25% तक बढ़ चुकी हैं।"