ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच बाजार में उथल-पुथल: शेयर और कमोडिटी में तेजी
बाजार में बदलाव के संकेत
नई दिल्ली। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच एक नई सूचना सामने आई है, जिसने बाजार की स्थिति को बदल दिया है। जैसे ही ईरान के युद्ध समाप्त होने के संकेत मिले, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है, जबकि सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। गिफ्ट निफ्टी ने आज 700 अंकों की बढ़त दर्ज की, जो शेयर बाजार में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। भारतीय मुद्रा, जो डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड गिरावट का सामना कर चुकी थी, अब फिर से स्थिरता की ओर बढ़ने की उम्मीद जगा रही है.
युद्धविराम का संकेत
ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच लगभग एक महीने से चल रहे संघर्ष के बीच पहली बार पूर्ण युद्धविराम का संकेत मिला है। अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा 'पूर्ण समाधान' की बात की जा रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर राहत की लहर दौड़ गई है। यह संकेत दर्शाता है कि युद्ध स्थायी रूप से रुक सकता है, क्योंकि दोनों पक्षों पर रणनीतिक दबाव बढ़ रहा है। इस स्थिति ने शेयर, तेल, मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में हलचल पैदा कर दी है.
शेयर बाजार में तेजी
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध समाप्ति के संकेत मिलने के बाद, शेयर बाजार में तेजी के संकेत स्पष्ट हो रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार में S&P 500 में 2.7% की वृद्धि देखी गई है, जबकि Nasdaq 2.6% और Dow Jones 2.7% की तेजी पर कारोबार कर रहा है। इस तेजी का प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है, जहां गिफ्ट निफ्टी में 700 अंकों की बढ़त देखी गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारतीय शेयर बाजार में भी तेजी आएगी।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ईरान युद्ध समाप्त होने के संकेत मिलते ही कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है। आज क्रूड के दाम में अचानक 10% की कमी आई। खबर लिखे जाने तक, नेचुरल गैस की कीमत 4% गिर गई थी, जबकि ब्रेंट क्रूड 7% और डब्ल्यूटीआई 7.4% की गिरावट पर ट्रेड कर रहा था। यह आंकड़े वैश्विक बाजार के हैं।
सोने और चांदी की कीमतों में उछाल
ईरान युद्ध में 5 दिन के युद्धविराम की घोषणा के बाद, वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। पिछले तीन सप्ताह से जारी गिरावट का सिलसिला अब थम गया है, और जैसे ही युद्धविराम का संकेत मिला, दोनों कीमती धातुओं में तेजी आनी शुरू हो गई है। सोने का भाव एक समय 5,000 डॉलर से ऊपर चला गया था, लेकिन अब यह 4,500 डॉलर से नीचे आ गया है।