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ईरान-अमेरिका संघर्ष: ट्रंप का दावा, परमाणु ठिकाने नष्ट

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जहां राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी सेना ने ईरान के सभी परमाणु ठिकानों को नष्ट कर दिया है। ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत किए गए इस हमले के बाद, दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की संभावनाएं भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ट्रंप ने ईरान से आठ महिलाओं की रिहाई को बातचीत की शुरुआत के रूप में देखा है। क्या यह स्थिति युद्ध की ओर बढ़ेगी या शांति स्थापित होगी? जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
 

संघर्ष की स्थिति


ईरान और अमेरिका के बीच शांति की संभावना या फिर युद्ध की स्थिति, यह कुछ ही घंटों में स्पष्ट हो जाएगा। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनकी सेना ने ईरान के सभी परमाणु ठिकानों को नष्ट कर दिया है।

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम समाप्त होने में कुछ ही समय बचा है। 20 अप्रैल को, ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मलबे को हटाना एक कठिन कार्य होगा।

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का विवरण:
‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का अर्थ है, पिछले जून में अमेरिका की सेना द्वारा ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर B-2 बमवर्षकों और अन्य संसाधनों का उपयोग करके किया गया हमला। ट्रंप ने बार-बार कहा है कि इस ऑपरेशन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम की मुख्य सुविधाओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया। ट्रंप ने ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को ‘परमाणु धूल’ बताया है और जोर दिया है कि इसे हटाना आवश्यक है, जबकि ईरान ने इसका विरोध किया है।

ट्रंप का कहना है कि ईरान उन आठ महिलाओं को रिहा करके अमेरिका के साथ शांति वार्ता की संभावनाओं को बढ़ा सकता है, जिन्हें मौत की सजा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन महिलाओं की रिहाई को बातचीत के लिए ‘एक बेहतरीन शुरुआत’ बताया है।

व्हाइट हाउस में बैठकें जारी:
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को यह स्पष्ट नहीं हुआ कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के लिए कब रवाना होंगे, क्योंकि व्हाइट हाउस ने ईरान वार्ता पर आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए और बैठकें आयोजित करने की योजना बनाई है।

28 जहाजों की वापसी:
जैसे-जैसे संघर्ष विराम समाप्त होने के करीब आ रहा है, परमाणु ठिकानों को हुए नुकसान और यूरेनियम के प्रबंधन का मुद्दा बातचीत में प्रमुख विषय बन गया है। दोनों पक्षों के बीच का अंतर अभी भी काफी बड़ा है।

ईरान से शांति वार्ता की संभावनाओं के बीच, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा है कि जब से ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकाबंदी शुरू हुई है, तब से 28 जहाजों को वापस लौटाया गया है।