ईरान-अमेरिका वार्ता में असफलता पर ईरानी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
ईरानी राष्ट्रपति का बयान
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के असफल होने पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि किसी भी समझौते के लिए वाशिंगटन को अपने तानाशाही दृष्टिकोण को छोड़ना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका ईरान के अधिकारों का सम्मान करता है और निष्पक्षता से पेश आता है, तो समझौता संभव है। पेज़ेश्कियन ने ईरानी वार्ता टीम की सराहना की और कहा कि यदि अमेरिकी सरकार अपनी तानाशाही छोड़ दे, तो समझौते की दिशा में रास्ते खुल सकते हैं। उन्होंने वार्ता टीम के सदस्यों, विशेषकर डॉ. क़लीबाफ़ की प्रशंसा की और ईश्वर से शक्ति की प्रार्थना की।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान में तीन दौर की गहन युद्धविराम वार्ता के बाद, अमेरिका ने रविवार को कहा कि तेहरान ने वाशिंगटन के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता को सकारात्मक बताया, लेकिन यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण मतभेद अभी भी बने हुए हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि पिछले 21 घंटों में कई महत्वपूर्ण चर्चाएँ हुई हैं, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। यह अमेरिका के लिए बुरी खबर है, लेकिन ईरान के लिए इससे भी अधिक नकारात्मक है।
परमाणु हथियारों पर अमेरिका की शर्तें
वेंस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने ईरान से यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस आश्वासन मांगा है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। यह एक महत्वपूर्ण विवाद का कारण बना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य यह है कि ईरान न केवल वर्तमान में, बल्कि भविष्य में भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से ऐसी कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं दिखाई दी है।