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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेल कीमतों में गिरावट

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट आई है। ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिससे कूटनीतिक हल की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। जानें इस स्थिति का बाजार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और भविष्य में क्या संभावनाएं हैं।
 

तेल की कीमतों में कमी

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच, शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में थोड़ी कमी आई। यह गिरावट उस सूचना के बाद आई, जिसमें बताया गया कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाया गया है, जिससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ गई हैं.


तेल बाजार की स्थिति


हालांकि तेल बाजार में हल्की नरमी आई है, लेकिन कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। जुलाई के लिए ब्रेंट क्रूड की कीमत 44 सेंट यानी लगभग 0.4% गिरकर 109.96 डॉलर प्रति बैरल हो गई। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमत 2.48 डॉलर यानी 2.4% गिरकर 102.59 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। इसके बावजूद, पूरे हफ्ते के लिए तेल की कीमतों में मजबूती बनी हुई है.


सप्लाई चिंताएं बरकरार

विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई से जुड़ी चिंताएं अभी भी खत्म नहीं हुई हैं। ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर कुछ हद तक रोक लगाई जा रही है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, अमेरिका की नौसेना की गतिविधियां भी ईरान के तेल निर्यात को सीमित कर रही हैं.


भविष्य की संभावनाएं

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, गुरुवार को ईरान ने पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को बातचीत का नया प्रस्ताव भेजा है। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना फिर से बन सकती है। यदि पूरे हफ्ते की बात करें, तो ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग 4.5% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जबकि WTI में लगभग 8.9% तक उछाल रहने की उम्मीद है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 126.41 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था, लेकिन दिन के अंत तक कीमतों में कुछ गिरावट आई.