इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की नागरिकता पर जांच का आदेश दिया
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता के आरोपों की जांच का आदेश दिया है। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की जांच स्वयं करे या किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपे। इसके अलावा, एक विशेष अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में वादी पक्ष को सख्त चेतावनी दी है कि वे भविष्य में कोई ढिलाई न बरतें। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
Apr 17, 2026, 18:04 IST
राहुल गांधी के खिलाफ जांच का आदेश
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता के आरोपों की जांच कराने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने विपक्ष के नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को यह भी कहा कि वह या तो स्वयं इस मामले की जांच करे या इसे किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंप दे। यह टिप्पणी भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें उन्होंने लखनऊ की विशेष सांसद/विधायक अदालत द्वारा 28 जनवरी को पारित आदेश को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।
मानहानि मामले में अदालत की सख्ती
इससे पहले, उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले की एक विशेष अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने वादी पक्ष को भविष्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने की चेतावनी दी। राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 311 के तहत एक प्रार्थना पत्र पर बहस होनी थी, लेकिन वादी पक्ष के वकील ने फिर से स्थगन की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
अगली सुनवाई की तारीख
शुक्ला ने बताया कि वादी पक्ष पिछले कई तारीखों से स्थगन की मांग कर रहा है, जिससे मामले की कार्यवाही में बाधा आ रही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर अगली सुनवाई पर वादी पक्ष उपस्थित नहीं होता है, तो उनके खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। इससे पहले, 28 मार्च को सांसद-विधायक अदालत में हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के वकील ने राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।