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इडुक्की: केरल का स्पाइस गार्डन और राजनीतिक केंद्र

इडुक्की, केरल का एक अद्भुत जिला, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और मसालों के लिए प्रसिद्ध है। यह जिला न केवल कृषि और व्यापार का केंद्र है, बल्कि राजनीतिक गतिविधियों का भी गढ़ है। जानें इस जिले के विधानसभा सीटों का इतिहास और 2021 के चुनावों के परिणामों के बारे में। क्या कांग्रेस यहां अपनी स्थिति मजबूत कर पाएगी? पूरी जानकारी के लिए पढ़ें।
 

इडुक्की का परिचय

केरल के सबसे आकर्षक जिलों में से एक इडुक्की है, जो अपनी नदियों, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों, पहाड़ों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के लिए प्रसिद्ध है। यह जिला मसालों, हिल स्टेशनों और बिजली उत्पादन के लिए जाना जाता है। केरल की कुल बिजली का 66 प्रतिशत हिस्सा इसी जिले से आता है। मसालों के उत्पादन के लिए इसे 'केरल का स्पाइस गार्डन' भी कहा जाता है, जो यहां के व्यापारिक माहौल को बढ़ावा देता है।


इतिहास और अर्थ

1972 में कोट्टायम जिले से अलग होकर बने इस जिले का नाम कंठ का अर्थ रखता है। 1664 में डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने यहां मसालों का व्यापार शुरू किया था। आज भी यह क्षेत्र उच्च गुणवत्ता वाली काली मिर्च, लौंग और दालचीनी के निर्यात के लिए प्रसिद्ध है। यहां पाइनएपल और केले की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। यह जिला समुद्र तट से दूर होते हुए भी रबर की खेती के लिए जाना जाता है।


राजनीतिक परिदृश्य

राजनीतिक दृष्टिकोण से, इडुक्की जिला किसानों और मसालों के व्यापारियों की राजनीति पर केंद्रित रहा है। यही कारण है कि केरल कांग्रेस के विभिन्न धड़े यहां सक्रिय रहे हैं। मुख्य रूप से सीरियन क्रिश्चियन और नायरों की आबादी वाले इस जिले में कृषि और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर वोटिंग होती है।


2021 के चुनावों का परिणाम

2021 में, लेफ्ट ने अपनी सहयोगी पार्टियों को मौका दिया और कुछ सीटों पर खुद भी चुनाव लड़ा। नतीजतन, लेफ्ट गठबंधन ने 5 में से 4 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस की अगुवाई वाले UDF को केवल एक सीट पर संतोष करना पड़ा। हालांकि, कुछ सीटों पर नतीजे बेहद करीबी रहे हैं, जिससे कांग्रेस को 2 से 4 सीटें जीतने का मौका मिल सकता है।


विधानसभा सीटों का इतिहास

थोड़ापुझा: यह विधानसभा सीट लंबे समय से केरल कांग्रेस के विभिन्न धड़ों के नियंत्रण में रही है। यहाँ के दो नेता पी टी थॉमस और पी जे थॉमस ने चुनाव जीते हैं। पिछले चार चुनावों में पी जे जोसेफ ने जीत हासिल की, लेकिन इस बार उनके बेटे ए जे जोसेफ को मैदान में उतारा गया है।


देवीकुलम: अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित यह सीट लेफ्ट के लिए एक मजबूत गढ़ रही है। यहाँ से एस राजेंद्रन इस बार बीजेपी के उम्मीदवार हैं।


उदमबनचोला: यहाँ लेफ्ट ने अपने पुराने विधायक की वापसी कराई है। कांग्रेस ने सेनापति वेणु को मैदान में उतारा है।


पीरूमेड: इस सीट पर लेफ्ट ने अपना उम्मीदवार बदला है। कांग्रेस ने सायरियाक कुमार को टिकट दिया है।


इडुक्की: यहाँ केरल कांग्रेस (M) ने लगातार जीत हासिल की है। रोशी ऑगस्टिन यहाँ से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।


जिले की स्थिति

क्षेत्रफल: 4612 वर्ग किलोमीटर
ब्लॉक: 8
ग्राम पंचायत: 52
नगर पालिका: 2
विधानसभा सीटें: 5
UDF: 1
LDF: 4