इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम समझौता, हिजबुल्ला के लिए सुरक्षा क्षेत्र स्थापित
इजराइल और लेबनान के बीच महत्वपूर्ण समझौता
पश्चिम एशिया में लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच, इजराइल और लेबनान ने अपने युद्धविराम को बढ़ाने पर सहमति जताई है। इस समझौते के तहत, लेबनान में कुछ विशेष 'सुरक्षा क्षेत्र' बनाए जाएंगे, जहां हिजबुल्ला के लड़ाकों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
अमेरिका की मध्यस्थता में विदेश मंत्रालय में चौथे दौर की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में, दोनों पक्षों ने कहा कि यह युद्धविराम तभी प्रभावी रहेगा जब हिजबुल्ला पूरी तरह से हमले बंद करे और लितानी नदी के दक्षिण के क्षेत्रों से अपने सभी लड़ाकों को हटा ले।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये सुरक्षा क्षेत्र कैसे स्थापित किए जाएंगे। समझौते में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन क्षेत्रों की जिम्मेदारी लेबनान की सेना को सौंपी जाएगी।
बयान में कहा गया है कि ये कदम व्यापक शांति और सुरक्षा समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण होंगे।
इसमें यह भी कहा गया कि इजराइल और लेबनान के बीच संबंधों का भविष्य केवल दोनों देशों की संप्रभु सरकारों द्वारा तय किया जाएगा, और किसी भी देश या गैर-राज्यीय समूह को लेबनान के भविष्य को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह ईरान की ओर इशारा करता है, जो हिजबुल्ला का समर्थन करता है।
इजराइल-लेबनान वार्ता में हिजबुल्ला का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
स्थायी शांति की दिशा में एक कदम
इस समझौते को मध्य पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि लेबनान की सेना इन सुरक्षा क्षेत्रों को हिजबुल्ला से मुक्त रखने में सफल होती है, तो यह दोनों देशों के बीच एक मजबूत और सुरक्षित सीमा रेखा का आधार बन सकता है।